
लोकसभा चुनाव से पहले तीसरा मोर्चा बनाने के प्रयासों के बीच वाम पार्टियों सहित जेडीयू, अन्नाद्रमुक, बीजेडी और यूपीए के घटक दल एनसीपी के नेता बुधवार को एक सम्मेलन में मिले और फासीवादी तथा सांप्रदायिक शक्तियों से उपजे 'खतरे' को परास्त करने के लिए एकजुटता की जरूरत बताई।
जेडीयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को परोक्ष निशाना बनाते हुए कहा कि कुछ नेता उनके विचारों और विचारधाराओं का विरोध करने वालों का 'सफाया' करने की बात करते हैं।
नीतीश ने 'सांप्रदायिकता के विरूद्ध सम्मेलन' में कहा कि 'फासीवाद, सांप्रदायिकतावाद और आतंकवाद' से देश के सामने पेश खतरे को परास्त करने के लिए एकत्र हुए 17 दलों को अधिकतम संभावित एकता बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा, यह सवाल किया जा रहा है कि क्या यह सम्मेलन एक नया मंच बनाने के लिए आयोजित किया गया है। अभी तक तो यह मामला नहीं है, लेकिन हमें सोचना है कि फासीवाद, सांप्रदायिकतावाद और आतंकवाद की शक्तियों को शिकस्त देने के मुद्दे के आधार पर सभी लोकतांत्रिक शक्तियों को अधिकतम संभावित एकता स्थापित करनी चाहिए।
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