पटना:
पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए़पी़ज़े अब्दुल कलाम अपने दो दिवसीय पटना यात्रा के क्रम में गुरुवार की शाम पटना पहुंचे। पटना हवाई अड्डे पर उनकी आगवानी राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। डॉ कलाम शाम पटना हवाई अड्डे पर पहुंचे जहां मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों ने उनकी आगवानी की। हवाई अड्डे से कलाम सीधे राजभवन गये।
बताया जा रहा है कि एनडीए के प्रमुख घटक दल जदयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ कलाम को शुक्रवार को अपने घर पर भोज के लिए आमंत्रित किया है। नीतीश कुमार इस कदम को राजनीतिक हल्कों में राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। बता दें कि ममता बनर्जी और खुद एनडीए के कुछ नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को देश के सर्वोच्च पद के लिए नामित किए जाने की सिफारिश की है।
डॉ़ कलाम राजभवन में पहुंचने के बाद पटना के पालीगंज के 15 चुनिंदा किसानों से मिले और उनसे परंपरागत खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक के इस्तेमाल के फायदे, औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती की स्थिति सहित कई विषयों पर बात की। इसके अलावे उन्होंने लेमनग्रास, जावा स्रिटोनेला और तुलसी के पौधों का फीडबैक लिया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में कलाम पहली बार पालीगंज आये थे और उनकी प्रेरणा से इलाके में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती की किसानों ने शुरुआत की थी। इसके बाद दो बार कलाम पालीगंज जा चुके हैं। एक अधिकारी के अनुसार कलाम रात को राजभवन में विश्राम करेंगे।
एक अधिकारी के अनुसार कलाम पटना में शुक्रवार को निजी कार्यक्रमों के अलावे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे।
बताया जा रहा है कि एनडीए के प्रमुख घटक दल जदयू के नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डॉ कलाम को शुक्रवार को अपने घर पर भोज के लिए आमंत्रित किया है। नीतीश कुमार इस कदम को राजनीतिक हल्कों में राष्ट्रपति चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। बता दें कि ममता बनर्जी और खुद एनडीए के कुछ नेताओं ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को देश के सर्वोच्च पद के लिए नामित किए जाने की सिफारिश की है।
डॉ़ कलाम राजभवन में पहुंचने के बाद पटना के पालीगंज के 15 चुनिंदा किसानों से मिले और उनसे परंपरागत खेती में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक के इस्तेमाल के फायदे, औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती की स्थिति सहित कई विषयों पर बात की। इसके अलावे उन्होंने लेमनग्रास, जावा स्रिटोनेला और तुलसी के पौधों का फीडबैक लिया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में कलाम पहली बार पालीगंज आये थे और उनकी प्रेरणा से इलाके में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती की किसानों ने शुरुआत की थी। इसके बाद दो बार कलाम पालीगंज जा चुके हैं। एक अधिकारी के अनुसार कलाम रात को राजभवन में विश्राम करेंगे।
एक अधिकारी के अनुसार कलाम पटना में शुक्रवार को निजी कार्यक्रमों के अलावे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे।
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