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This Article is From Nov 20, 2016

एनजीटी ने राज्यों से कहा - पटाखों पर दिशा-निर्देश जारी करें, जागरूकता लाएं

एनजीटी ने राज्यों से कहा - पटाखों पर दिशा-निर्देश जारी करें, जागरूकता लाएं
प्रतीकात्मक फोटो.
नई दिल्ली: राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने दिल्ली समेत सभी राज्यों से कहा है कि वे पटाखों के निर्माण, बिक्री और उन्हें जलाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते वक्त यह ध्यान में रखें कि ये प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं.

दिल्ली के तीन निवासियों ने जनहित याचिका दायर की थी जिसमें दावा किया गया था कि देश में हर साल करीब 6.2 लाख लोगों की मौत बेहद प्रदूषित हवा के कारण होती है. इस याचिका पर हरित अधिकरण ने सभी संबद्ध अधिकारियों को खासकर स्कूलों और कॉलेजों में सामाजिक जागरूकता लाने का निर्देश दिया था.

एनजीटीटी के अध्यक्ष न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा , ‘‘निर्देश जारी करने चाहिए कि पटाखों को अगर अनुमति दी जाती है तो वे इस तरह के हों कि उनसे कम से कम धुंआ निकले और कम से कम आवाज हो.

यह निर्धारित मानकों के भीतर ही होनी चाहिए.’’ यह निर्देश दीया कपूर, शायल त्रेहन और मंजीरा दासगुप्ता की याचिका पर दिए गए हैं जिसमें उन्होंने ऐसे पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी जो ‘‘हरित मानकों’’ पर खरे नहीं उतरते. इसके अलावा हर साल दीपावली पर पटाखे जलाने के लिए शाम सात से रात नौ बजे का वक्त निर्धारित करने की भी मांग की गई. मामले की सुनवाई 21 नवंबर को होगी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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