
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने बुधवार को यह कहते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को आड़े हाथ लिया कि उन्होंने बीते 27 अक्तूबर को पटना में अपनी राजनीतिक रैली के आयोजन स्थल गांधी मैदान में बम धमाकों के बावजूद रैली की। खुर्शीद ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि धमाकों के बावजूद रैली करने से किसी का भी ख्याल न रखने का उनका असली चरित्र सामने आ गया है।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘क्या उनकी (पीड़ितों की) जान की कोई कीमत नहीं थी जो उन्हें देखने आए थे। उन्होंने इतना भी नहीं कहा कि जो हुआ है उसका उन्हें बहुत दुख है, इस रैली में मोदी के बर्ताव को तो देखिए।’
उन्होंने कहा, ‘रैली में उनका बर्ताव सही नहीं था। उन्होंने किसी की परवाह नहीं की। यदि उन्होंने परवाह की होती तो उन्होंने कहा होता कि आज मेरे भाषण का दिन नहीं है। आज दो मिनट का मौन रखकर हम लोगों को जाना चाहिए।’
गौरतलब है कि 27 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान में मोदी की हुंकार रैली से पहले मैदान और इसके आसपास के इलाकों में सात धमाके हुए। धमाकों में छह लोग मारे गए जबकि 82 अन्य जख्मी हो गए। खुर्शीद ने कहा कि मोदी किसी भी ऐसे शख्स से बात नहीं करते जो सवाल कर सकता हो और जो उनसे असहमत हो सकता हो।
उन्होंने कहा, ‘वह लोगों से बात नहीं करते। वह लोगों पर बात करते हैं और किसी लोकतंत्र में यदि आप लोगों पर बात करते हैं तो उसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। हम लोगों से बात करना चाहते हैं। राहुल गांधी अपने तरीके से लोगों से बात करने की कोशिश करते हैं।’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘मोदी का स्टाइल यह है कि उन्होंने जो कह दिया वह अंतिम सत्य हो गया। किसी को भी उनसे सवाल करने का अधिकार नहीं है।’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुर्शीद ने राजस्थान में एक रैली के दौरान राहुल द्वारा दिए गए उस बयान का भी बचाव किया जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई मुजफ्फरनगर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के कुछ पीड़ितों से संपर्क कर रही है।
खुर्शीद ने कहा, ‘बंबई बम धमाकों का दाउद से कोई लेना-देना नहीं था या दाउद का आईएसआई से कुछ लेना-देना नहीं है। उन्होंने बंबई का शोषण किया और हमें इस शोषण से जरूर लड़ना चाहिए। राहुल गांधी दूसरे शब्दों में वही बात कह रहे हैं। हमें किसी भी शोषण से लड़ना है। शोषण से लड़ने का तरीका यह है कि किसी को भी मनोवैज्ञानिक तौर पर कमजोर न बनने दिया जाए।’
खुर्शीद ने यह कहते हुए भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी आड़े हाथ लिया, ‘क्या यह दोहरी बयानबाजी नहीं है कि मोदी कहते हैं कि राहुल गांधी को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए जबकि संघ का कहना है कि राहुल सही कह रहे हैं। मोदी संघ से क्यों नहीं कहते कि राहुल को सही ठहराने के लिए वह माफी मांगे। स्पष्ट तौर पर पहले उन्हें अपने लोगों को माफी के लिए कहना चाहिए।’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘पिक्चर अभी बाकी है। कहानी अभी खत्म नहीं हुई। कहानी सिर्फ हार और जीत की नहीं है। मोदी सोचते हैं कि यह मुद्दा हार-जीत का है। हमारे लिए यह हार-जीत का मामला नहीं है। हमारे लिए यह भारत के विचार (आइडिया ऑफ इंडिया) के बारे में है। यदि हम हारते हैं और भारत का विचार जीवित रहता है तो हमें कोई समस्या नहीं है। लेकिन यदि हम जीत जाते हैं और भारत के विचार का वजूद नहीं रहता तो यह कुछ भी नहीं है।’
खुर्शीद ने कहा, ‘मोदी भारत के विचार के ठीक उलट हैं और भारत का विचार जीवित रहेगा। भारत का विचार हमेशा मोदी से ज्यादा ताकतवर रहेगा और इसलिए भारत का विचार जीवित है और रहेगा, लड़ाई राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के बीच की नहीं है। लड़ाई भारत के विचार की खातिर हिंदुस्तान के दिलोदिमाग की है।’
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं