New Delhi:
2जी घोटाले की गाज अब एक और केंद्रीय मंत्री पर गिरी है। डीएमके कोटे से केंद्र में कपड़ा मंत्रालय संभाल रहे दयानिधि मारन ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सीबीआई ने कल ही मारन के 2जी घोटाले में संलिप्त होने के बारे में पुख्ता सबूत होने का दावा किया था। प्रधानमंत्री निवास जाने से पहले ही मारन ने अपनी गाड़ी पर लगी लालबत्ती हटवा दी थी।2जी घोटाले में अब तक डीएमके के तीन विकेट गिर गए हैं। सबसे पहले टेलीकॉम मंत्री ए राजा का नाम आया। राजा को कुर्सी गंवानी पड़ी और अभी वह जेल में हैं। इसके बाद करुणानिधि की बेटी कनिमोई का नाम भी इस घोटाले में आया। कनिमोई भी तिहाड़ जेल पहुंच गईं और अब दयानिधि मारन ने इस्तीफा दे दिया है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए सीबीआई ने 2 जी मामले में दयानिधि मारन पर सीधे आरोप लगाए। सीबीआई का कहना है कि 2004 से 2007 के दौरान टेलीकॉम मंत्री रहते हुए दयानिधि मारन ने एयरसेल के प्रोमोटर शिवशंकरन को मजबूर किया कि वह अपना हिस्सा एक मलेशियाई कंपनी मैक्सिस समूह को बेच दें। मारन के मंत्री रहते हुए दो साल तक एयरसेल को यूएएस लाइसेंस नहीं मिला। तंग आकर शिवशंकरन ने एयरसेल को मैक्सिस समूह को बेच दिया। दिसंबर 2006 में इस सौदे के छह महीने के भीतर एयरसेल को लाइसेंस मिल गया।दयानिधि मारन आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए थे, लेकिन वहां उन्होंने इस्तीफे का कोई प्रस्ताव नहीं रखा था। एक मंत्री से जब पूछा गया कि क्या मारन ने इस्तीफा दिया या इसका प्रस्ताव रखा, तो नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने इसके जवाब में कहा नहीं। वह 11 बजे शुरू हुई बैठक में कुछ देरी से आए। हालांकि मीटिंग खत्म होने के बाद सबसे पहले मारन ही बैठक से बाहर निकले।
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