West Bengal poll results: पश्चिम बंगाल के गहमागहमी भरे विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को जीत दिलाने वाली ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) 5 मई को राजधानी कोलकाता में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगी. वे तीसरी बार राज्य के सीएम पद की शपथ ले रही है. टीएमसी विधायकों की बैठक में ममता बनर्जी को पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया. कोरोना महामारी के चलते शपथ ग्रहण समारोह सादगीपूर्ण आयोजित होगा.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने 292 सीट में से 213 सीट जीतीं हैं.
शिवसेना का बीजेपी पर 'वार', 'बंगाल के चुनाव नतीजों ने दिखाया पीएम मोदी और शाह अजेय नहीं..'
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
राज्य में मार्च और अप्रैल में आठ चरण में मतदान हुआ था. भाजपा 77 सीट जीतकर बड़ा विपक्षी दल बनी है.बनर्जी ने लगातार दूसरी बार राज्य विधानसभा में दो तिहाई बहुमत से पार्टी को जीत दिलाई है. ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कराई है लेकिन इस दौरान उन्हें नंदीग्राम की अपनी विधानसभा सीट गंवानी पड़ी.
नंदीग्राम में कांटे की लड़ाई में कैसे आया उतार-चढ़ाव; जिसने ममता बनर्जी को बाहर आने से रोके रखा
ममता को एक समय उनके विश्वस्त सहयोगी रहे और अब बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने हराकर हर किसी को हैरान कर दिया. हालांकि चुनाव में हारने के बाद भी ममता के सीएम बनने की राह में कोई बाधा नहीं है. संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, अपनी सीट हारने के बावजूद और विधानसभा की सदस्य नहीं होने के बाद भी कोई सीएम बन सकता है लेकिन उसे छह माह के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य निर्वाचित होना होगा. बंगाल में चूंकि विधान परिषद नहीं है, ऐसे में ममता को छह माह की अवधि में किसी सीट से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करनी होगी.वे खाली की गई किसी सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल कर या ऐसी सीट, जहां किसी कारण से चुनाव नहीं हो पाया है, से चुनाव लड़कर और जीत हासिल करके सदन की सदस्य बन सकती हैं.
बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी ने लहराया जीत का परचम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं