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This Article is From Nov 28, 2016

मालेगांव विस्फोट : कोर्ट ने आठ को आरोपमुक्त किए जाने पर एनआईए से जवाब मांगा

मालेगांव विस्फोट : कोर्ट ने आठ को आरोपमुक्त किए जाने पर एनआईए से जवाब मांगा
मालेगांव के घटनास्थल की फाइल फोटो.
मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने 2006 मालेगांव विस्फोट कांड में आठ आरोपियों को आरोपमुक्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की अपील पर इस प्रकरण की जांच करने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी को हलफनामा दायर करने का आज निर्देश दिया.

सरकार ने सत्र अदालत द्वारा आठ आरोपियों को आरोपमुक्त करने के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है. सत्र अदालत ने अप्रैल में यहां आठ आरोपियों को आतंक के सभी आरोपों से उस समय आरोपमुक्त कर दिया था जब एनआईए ने कहा था कि विस्फोट एक हिन्दू चरमपंथी समूह का काम है. सात हिन्दू आरोपियों ने भी जमानत के लिए उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है.

न्यायमूर्ति आरवी मोरे और न्यायमूर्ति शालिनी फानसाल्कर जोशी की खंडपीठ ने एनआईए को जमानत याचिकाओं के जवाब में भी दो सप्ताह में हफलनामा दायर करने का निर्देश दिया है.

एनआईए के वकील प्रकाश शेट्टी ने अदालत से कहा कि एजेंसी को जमानत याचिकाएं और एटीएस की अपील की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है. अदालत ने राष्ट्रीय जाच एजेंसी को इन याचिकाओं की प्रति उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है.

नासिक के निकट मालेगांव में आठ सितंबर, 2006 को हुईं बम विस्फोट की घटनाओं में 37 व्यक्ति मारे गए थे और सौ से अधिक लोग जख्मी हुए थे.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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