Maharashtra Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के कारण मार्च की तुलना में इस महीने मुंबई में मौतें 68% बढ़ी हैं तो महाराष्ट्र में 33%. महाराष्ट्र में मौत और किल्लतों की भयावह तस्वीर रोज़ाना आ रही है. होम आइसोलेशन वाले मरीज़ गंभीर हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं जहां आईसीयू-वेंटिलेटर की क़िल्लत है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ये कहना ग़लत है कि 2021 का वायरस घातक नहीं है.
अहमदनगर में बेड नहीं मिलने पर गाड़ी में एक मरीज की मौत हो गई. शमशान भूमि में दाह संस्कार के लिए शवों की वेटिंग चल रही है. ऑटो रिक्शे में बिठाकर ऑक्सीजन देने की तस्वीर वायरल हो गई है. बीड में ज़मीन पर मरीज़ों का इलाज हो रहा है. ज़मीन पर ही लकीरें खींचकर मरीज़ों का इलाज करने को स्वास्थ्यकर्मी मजबूर हैं. महाराष्ट्र से रोज़ाना सामने आ रही ऐसी तस्वीरें भयावह हालात बयां करती हैं.
-
PM Modi Speech: UN को लेकर NDTV World Summit के मंच पर बड़ी बात बोले पीएम मोदी | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर पहुंचे PM Modi! | Breaking News -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब -
रील देखने की लत से बचाएगी ये माइक्रो साधना, NDTV World Summit में स्वामी सर्वप्रियानंद ने बताया -
आमिर खान और अमिताभ बच्चन के फैन हैं स्वामी सर्वप्रियानंद, ‘हनुमान अंश’ देखने की जताई इच्छा -
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया इस वक्त कूटनीति पर कौन सी वेब सीरीज देख रहे -
NDTV World Summit 2026 में पहुंचे PM Modi, थोड़ी देर में होगा संबोधन -
कौन सी वेबसीरीज देख रहे विदेश मंत्री S Jaishankar, वर्ल्ड समिट में बताया -
NDTV World Summit 2026 : भविष्य में बेहतर होंगे भारत-पाक रिश्ते? क्या बोले Jaishankar?
यह दलील कि अब वायरस सिर्फ़ तेज़ी से फैलता है, लेकिन घातक नहीं, कमज़ोर पड़ रही है. महाराष्ट्र ने मार्च महीने में 2,495 कोविड मौतें देखीं थीं जबकि अप्रैल के 12 दिनों में ही 3,317 मौतें हो चुकी हैं. मार्च की तुलना में 33% ज़्यादा मौतें हुई हैं. मुंबई ने मार्च में 212 मौतें दर्ज कीं अब अप्रैल में सिर्फ़ 12 दिनों में 356 मौतें शहर देख चुका है. यानी मार्च की तुलना में मौतें क़रीब 68% बढ़ी हैं. महाराष्ट्र में मृत्यु दर 1.68% है तो मुंबई शहर में डेथ रेट 2.28% है.
जानकारों के मुताबिक कम मृत्यु दर का कारण मरीज़ों में जागरूकता और बेहतर ट्रीटमेंट हैं लेकिन वायरस पिछली बार जितना ही घातक है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं