
मुंबई:
महाराष्ट्र विधानसभा में एक असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन सूर्यवंशी की पिटाई के मामले में सर्वदलीय कमेटी की रिपोर्ट में दो विधायकों के निलंबन को बरकरार रखने की सिफारिश की गई, जबकि तीन अन्य विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया गया है।
इस रिपोर्ट में उक्त पुलिस अफसर के व्यवहार के तरीकों पर भी सवाल उठाए गए हैं। देशमुख कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आज महाराष्ट्र विधानसभा में रखी, जिसमें कहा गया है कि दो विधायक- बहुजन विकास अघाड़ी के क्षितिज ठाकुर और मनसे के राम कदम पुलिस अफसर की पिटाई में शामिल थे, जबकि बाकी तीन - बीजेपी के जयकुमार रावल, शिवसेना के राजन साल्वी और प्रदीप जायसवाल की इस मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिटाई के लिए पुलिस अफसर खुद ही जिम्मेदार थे और विधायक के साथ बदसलूकी के आरोप में उन्हें निलंबित करने का फैसला जायज है। पिछले महीने सचिन सूर्यवंशी ने विधायक क्षितिज ठाकुर की कार को तेज गति से चलाने के लिए बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर रोका था और उन पर जुर्माना लगाया था। अगले दिन सूर्यवंशी को विधानसभा बुलाया गया और वहां उनकी पिटाई की गई थी।
इस रिपोर्ट में उक्त पुलिस अफसर के व्यवहार के तरीकों पर भी सवाल उठाए गए हैं। देशमुख कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आज महाराष्ट्र विधानसभा में रखी, जिसमें कहा गया है कि दो विधायक- बहुजन विकास अघाड़ी के क्षितिज ठाकुर और मनसे के राम कदम पुलिस अफसर की पिटाई में शामिल थे, जबकि बाकी तीन - बीजेपी के जयकुमार रावल, शिवसेना के राजन साल्वी और प्रदीप जायसवाल की इस मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पिटाई के लिए पुलिस अफसर खुद ही जिम्मेदार थे और विधायक के साथ बदसलूकी के आरोप में उन्हें निलंबित करने का फैसला जायज है। पिछले महीने सचिन सूर्यवंशी ने विधायक क्षितिज ठाकुर की कार को तेज गति से चलाने के लिए बांद्रा-वर्ली सी लिंक पर रोका था और उन पर जुर्माना लगाया था। अगले दिन सूर्यवंशी को विधानसभा बुलाया गया और वहां उनकी पिटाई की गई थी।
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