
अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की फाइल फोटो
मुंबई:
अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी रहे नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई को अतिरिक्त पुलिस बल मुहैया कराने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले की सूचना खुद ट्वीट कर दी है।
इस गुरुवार को नरेंद्र दाभोलकर की हत्या को दो साल पूरे हुए। पुणे में मॉर्निंग वाक करते वक्त 20 अगस्त 2013 को दाभोलकर की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई को सौपें जाने के बाद भी कम पुलिस बल का तर्क देते हुए जांच में तेजी ना होने पाने की बात कही गई।
शिवसेना प्रवक्ता और विधायक नीलम गो-हे ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर दाभोलकर के हत्यारों को पकड़ने के लिए सीबीआई को अतिरिक्त पुलिस बल देने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर गौर करते हुए फैसला लिया है कि सात सदस्यीय टीम अब दाभोलकर हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की मदद करेगी। इस टीम में एक एसीपी, चार पीआई और दो पीएसआई शामिल होंगे।
अपनी मांग पर अमल होने से खुश नीलम गो-हे ने एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी ही फुर्ती से कॉमरेड गोविंद पानसरे की हत्या की जांच के लिए फैसले लेने होंगे। साथ ही इन मामलों में राजनीतिक प्रतिक्रिया से राजनेताओं को बचना होगा। तभी जांच में गति मिल सकेगी।
राज्य की बीजेपी सरकार के सामने फिलहाल नरेंद्र दाभोलकर के अलावा सात महीने पहले कोल्हापुर में हुए कॉमरेड गोविंद पानसरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की चुनौती बनी हुई है। पानसरे की भी दाभोलकर की तरह मॉर्निंग वाक करते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पानसरे के हत्या में शामिल हमलावर आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
इस गुरुवार को नरेंद्र दाभोलकर की हत्या को दो साल पूरे हुए। पुणे में मॉर्निंग वाक करते वक्त 20 अगस्त 2013 को दाभोलकर की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई को सौपें जाने के बाद भी कम पुलिस बल का तर्क देते हुए जांच में तेजी ना होने पाने की बात कही गई।
शिवसेना प्रवक्ता और विधायक नीलम गो-हे ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर दाभोलकर के हत्यारों को पकड़ने के लिए सीबीआई को अतिरिक्त पुलिस बल देने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर गौर करते हुए फैसला लिया है कि सात सदस्यीय टीम अब दाभोलकर हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की मदद करेगी। इस टीम में एक एसीपी, चार पीआई और दो पीएसआई शामिल होंगे।
अपनी मांग पर अमल होने से खुश नीलम गो-हे ने एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को ऐसी ही फुर्ती से कॉमरेड गोविंद पानसरे की हत्या की जांच के लिए फैसले लेने होंगे। साथ ही इन मामलों में राजनीतिक प्रतिक्रिया से राजनेताओं को बचना होगा। तभी जांच में गति मिल सकेगी।
राज्य की बीजेपी सरकार के सामने फिलहाल नरेंद्र दाभोलकर के अलावा सात महीने पहले कोल्हापुर में हुए कॉमरेड गोविंद पानसरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की चुनौती बनी हुई है। पानसरे की भी दाभोलकर की तरह मॉर्निंग वाक करते हुए गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पानसरे के हत्या में शामिल हमलावर आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
नरेंद्र दाभोलकर, अंधविश्वास, महाराष्ट्र, देवेंद्र फडणवीस, सीबीआई, Narendra Dabholkar, Superstition, Maharashtra, CBI