
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने अपनी पार्टी कांग्रेस में अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी और आलोचक व क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) को बुधवार को दोपहर के भोज पर अपने घर आमंत्रित किया है. अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार ने इस अभूतपूर्व आमंत्रण की घोषणा करते हुए ट्वीट किया, "दोनों के बीच लंच मीटिंग के दौरान राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है.'' इससे दोनों के बीच समझौता होने की अटकलें लगाई जाने लगी हैं.
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू को बुधवार को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया है. इससे पूर्व क्रिकेटर और मुख्यमंत्री के बीच सुलह होने की संभावना के संकेत मिले हैं. सिद्धू ने पिछले साल अहम मंत्रालय वापस लिए जाने के बाद राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था. मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने ट्वीट किया कि उम्मीद है कि दोनों नेता राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा करेंगे. मीडिया सलाहकार ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने सिद्धू को बुधवार को दोपहर भोज पर आमंत्रित किया है. भोज पर दोनों नेताओं के राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति पर चर्चा करने की उम्मीद है.
अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच तनाव पिछले साल मई में तब सार्वजनिक हो गया था जब मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाया था कि वह स्थानीय निकाय विभाग को संभालने में सक्षम नहीं हैं और दावा किया था कि इस वजह से 2019 के लोकसभा चुनाव में शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा.
मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद सिद्धू कांग्रेस की सभी गतिविधियों से दूर रह रहे थे. कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने सिद्धू से अमृतसर में उनके आवास पर मुलाकात की थी जिसके बाद वह पिछले महीने मोगा में हुई कांग्रेस की ट्रैक्टर रैली में दिखे थे. यह रैली केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ हुई थी.
पंजाब में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अमरिंदर सरकार के मंत्री सिद्धू और सीएम के बीच पिछले साल जुलाई में तनातनी बढ़ गई थी. इसके बाद सिद्धू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं. इस बारे में पूछे जाने पर अमरिंदर सिंह ने कहा था कि "नवजोत सिद्धू हमारी पार्टी का हिस्सा हैं." राहुल गांधी का वरदहस्त हासिल करने वाले सिद्धू इसके बाद से परिदृश्य से बाहर हो गए थे. जुलाई में उन्होंने मुख्यमंत्री से अमृतसर पूर्व में विकास के अभाव की शिकायत की थी.
किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार को इस अभूतपूर्व निमंत्रण ने सबका ध्यान खींच लिया. इससे पहले किसानों ने हरियाणा की सीमा सील करने के बाद जम्मू और कश्मीर राजमार्ग बंद करने की धमकी दी थी. सिद्धू किसानों का विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से उनसे मिलते रहने वाले प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि किसानों में उनका प्रभाव है, जो कि इस समय काफी महत्वपूर्ण है.
(इनपुट भाषा से भी)
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