- मोहाली के झामपुर में एक मुस्लिम व्यक्ति ने हिंदू समुदाय को सनातन धर्म मंदिर के लिए 325 गज जमीन दान में दी
- दान की गई जमीन की कीमत लगभग अस्सी लाख रुपए है और यह कदम स्थानीय भाईचारे में सराहनीय माना जा रहा
- पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने इस जमीन दान को समर्थन देते हुए एकता पर जोर दिया
पंजाब के मोहाली से दिल को खुश कर देने वाली खबर सामने आ रही है. यहां एक मुस्लिम शख्स ने हिंदू भाईयों को अपनी जमीन दान में दे दी. मोहाली के झामपुर इलाके में हिंदू भाईयों को ये जमीन सनातन धर्म मंदिर बनाने के लिए दी गई है. 325 गज जमीन की कीमत 80 लाथ रुपये है. मुस्लिम शख्स ने बताया कि मेरे पास हिंदू भाई मंदिर के लिए जमीन न होने पर मदद मांगने आए थे जिसके बाद हमने अपनी जमीन उन्हें दान में दे दी. अब उनके इस कदम की हर ओर चर्चा हो रही है.
क्यों नहीं दे सकते हिंदू भाईयों को जमीन?
मोहाली में झामपुर इलाके में हिंदू भाइयों को सनातन धर्म मंदिर बनाने के लिए जमीन दान देने के दौरान पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी उपस्थित रहे. मोहम्मद इमरान हैप्पी ने बताया कि झामपुर के स्थानीय हिंदू भाईचारे के पास अपने धार्मिक स्थान के लिए कोई जगह नहीं थी.उन्होंने बताया कि जब मेरे हिंदू भाईयों ने मुझे अपनी यह समस्या बताई तो मैंने अपने सरपरस्त पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी से संपर्क साधा और उनसे पूछा कि क्या हम अपने हिंदू भाइयों को धर्म स्थान बनाने के लिए मंदिर की जगह दे सकते हैं,तो शाही इमाम ने स्पष्ट संदेश दिया कि हां क्यों नहीं? जब इस्लामी देशों में वहां पर रहने वाले गैर मुसलमानों की आस्था को देखते हुए उनके धर्म स्थान बनाए जा सकते हैं तो यहां क्यों नहीं?
325 गज जमीन की कीमत 80 लाख रुपये
मोहम्मद इमरान हैप्पी ने आगे कहा कि मैंने अपनी जाती जमीन में से 325 गज जगह जिसकी कीमत 80 लाख रुपए है,वह आज सनातन धर्म सभा झामपुर के हवाले कर दी है.इस अवसर पर पंडित राजाराम जी व झामपुर के प्रधान हरप्रीत सिंह गिल,रूबी सिद्धू सनातन धर्म सभा की ओर से शाही इमाम साहब और मोहम्मद इमरान हैप्पी जी का विशेष तौर पर सम्मान किया. सभा को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि पंजाब में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है.
उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही दो हिंदू भाईयों और एक सिख बुजुर्ग माता जी ने हमें मस्जिद बनाने के लिए जगह दी थी और आज मुसलमानों ने अपने हिंदू भाइयों को मंदिर बनाने के लिए जगह तोहफे में दी है.शाही इमाम ने कहा कि भारत की विशेषता अनेकता में एकता की है.इसे कोई ताकत तोड़ नहीं सकेगी.उन्होंने कहा कि हम सब की पूजा पद्धति का तरीका अपना-अपना है,लेकिन सामाजिक व्यवस्था में हम सब भारतीय एक दूसरे के भाई-बहन हैं. शाही इमाम ने कहा कि इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुसलमानों को स्पष्ट संदेश दिया था कि जहां भी रहो जहां भी जाओ,उस इलाके के धर्म स्थानों का और सभी गैर मुसलमानों का उनकी बहनों का बेटियों का बड़ों का छोटों का हमेशा सम्मान करना.उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि हम अपने नबी हजरत मोहम्मद साहब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं पर चलते हुए पंजाब में सामाजिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में आगे कदम बढ़ा रहे हैं.
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