
लखनऊ:
दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इससे इस मामले में राज्य सरकार की परेशानी बढ़ सकती है।
स्थानीय लोकल इंटलिजस यूनिट के मुताबिक विवादित मस्जिद की दीवार गिराए जाने के दौरान मौके पर एसडीएम जेवर और सर्कल ऑफिसर मौजूद थे जबकि रिपोर्ट में कहीं यह नहीं लिखा गया है कि दुर्गा नागपाल भी वहां मौजूद थीं। नागपाल एसडीएम सदर हैं न कि एसडीएम जेवर…।
इधर, दुर्गा नागपाल के निलंबन पर समाजवादी पार्टी का रुख और कड़ा हो गया है। पार्टी इसे एक बड़ा सियासी मुद्दा बना रही है। पार्टी ने केंद्र सरकार से कहा है कि उसे यूपी में किसी आईएएस अफ़सर की ज़रूरत नहीं है। यही नहीं, पार्टी ने ग्रेटर नोएडा मस्जिद की दीवार गिराने को बाबरी मस्जिद गिराने जैसा बताया है।
स्थानीय लोकल इंटलिजस यूनिट के मुताबिक विवादित मस्जिद की दीवार गिराए जाने के दौरान मौके पर एसडीएम जेवर और सर्कल ऑफिसर मौजूद थे जबकि रिपोर्ट में कहीं यह नहीं लिखा गया है कि दुर्गा नागपाल भी वहां मौजूद थीं। नागपाल एसडीएम सदर हैं न कि एसडीएम जेवर…।
इधर, दुर्गा नागपाल के निलंबन पर समाजवादी पार्टी का रुख और कड़ा हो गया है। पार्टी इसे एक बड़ा सियासी मुद्दा बना रही है। पार्टी ने केंद्र सरकार से कहा है कि उसे यूपी में किसी आईएएस अफ़सर की ज़रूरत नहीं है। यही नहीं, पार्टी ने ग्रेटर नोएडा मस्जिद की दीवार गिराने को बाबरी मस्जिद गिराने जैसा बताया है।
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