
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनसे प्रदर्शन खत्म करने की अपील की. उपराज्यपाल ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक अधिकारी ने बताया कि आठ सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने संशोधित नागरिकता कानून को वापस लिए जाने समेत कई मांगों का एक ज्ञापन उप-राज्यपाल को सौंपा. जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के निकट और शाहीन बाग में पिछले करीब एक महीने से हजारों लोग सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
CAA Protest: उपराज्यपाल से मिलने पहुंचीं शाहीन बाग की तीन 'दबंग' दादियां
बैजल ने ट्वीट किया, "शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मिला. उनकी चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया. स्कूली बच्चों, मरीजों, यात्रियों, स्थानीय लोगों और अन्य को सड़क बंद रहने से पेश आ रही समस्याओं को देखते हुए धरना खत्म करने की अपील की." एक अन्य ट्वीट में उपराज्यपाल ने कहा, "मैं एक बार फिर सभी से शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता हूं."
Met the delegation of protestors from Shaheen Bagh. Assured them to convey their concerns to appropriate authorities. Appealed to call off their agitation in view of continued inconvenience to school children,patients,daily commuters, local residents,etc. due to blockade of road. pic.twitter.com/E946YanD33
— LG Delhi (@LtGovDelhi) January 21, 2020
जामिया यूनिवर्सिटी के गेट से शाहीन बाग तक लोगों ने CAA विरोधी मार्च निकाला
इस बैठक में संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी क्षेत्र) देवेश श्रीवास्तव और पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) चिन्मय बिस्वाल मौजूद थे. अधिकारियों ने बताया कि उप-राज्यपाल ने संबंधित पुलिस अधिकारियों से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सद्भावना बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया. वहीं, दिन में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने प्रशासन से कहा है कि दिल्ली के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शनों में देखे गए गए बच्चों की पहचान करके उनकी काउंसलिंग की जाए. एनसीपीसीआर ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के जिला अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि संभव है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे बच्चों को 'अफवाहों और गलत जानकारी' के कारण मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा हो.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं