दशकों की आशाओं और अपेक्षाओं का परिणाम है कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट : PM नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी ने कुशीनगर एयरपोर्ट का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र का ये सेंटर प्वाइंट है लुंबिनी यहां से बहुत दूर नहीं है. सारनाथ और बोधगया भी पास ही हैं. इस वजह से यहां के एयरपोर्ट का महत्व और बढ़ गया है. ये श्रद्धा का केंद्र बन गया है.

कुशीनगर:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kushinagar International Airport ) का उद्घाटन कर दिया है.  बौद्ध भिक्षुओं को श्रीलंका से लेकर अंतरराष्ट्रीय विमान कुशीनगर की धरती पर उतर चुका है. उद्घाटन करते हुए यहां पीएम मोदी ने कहा कि भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की प्रेरणा का केंद्र है. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट से सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा ही नहीं मिलेगा बल्कि इससे किसान और पशुपालकों को भी फायदा होगा. रोजगार बढ़ेगा. आने वाले 3 सालों में देश में 200 से अधिक एयरपोर्ट का नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश है. यह पूर्वांचल और बौद्ध धर्म के अनुयायिकों के लिए कई मायनों में खास है. भारत बौद्ध धर्म की आस्था का केंद्र है. भारत, विश्वभर के बौद्ध समाज की श्रद्धा का, आस्था का, केंद्र है. आज कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ये सुविधा, उनकी श्रद्धा को अर्पित पुष्पांजलि है. भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर महापरिनिर्वाण तक की संपूर्ण यात्रा का साक्षी ये क्षेत्र आज सीधे दुनिया से जुड़ गया है.


पीएम मोदी ने आगे कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के निर्माण पर भारत द्वारा आज विशेष ध्यान दिया जा रहा है. कुशीनगर का विकास, यूपी सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में है. उड़ान योजना के तहत बीते कुछ सालों में 900 से अधिक नए रूट्स को स्वीकृति दी जा चुकी है, इनमें से 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरु भी हो चुकी है. 50 से अधिक नए एयरपोर्ट या जो पहले सेवा में नहीं थे, उनको चालू किया जा चुका है. देश का एविएशन सेक्टर प्रोफेशनली चले, सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता मिले, इसके लिए हाल में एयर इंडिया से जुड़ा बड़ा कदम देश ने उठाया है.

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उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान भी लॉन्च किया गया है. इससे गवर्नेंस में तो सुधार आएगा ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क हो, रेल हो, हवाई जहाज़ हो, ये एक दूसरे को सपोर्ट करें, एक दूसरे की क्षमता बढ़ाएं.  ये कदम भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊर्जा देगा. ऐसा ही एक बड़ा रिफॉर्म डिफेंस एयरस्पेस को सिविल यूज़ के लिए खोलने से जुड़ा है. हाल ही में पीएम गतिशक्ति- नेशनल मास्टर प्लान भी लॉन्च किया गया है. इससे गवर्नेंस में तो सुधार आएगा ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सड़क हो, रेल हो, हवाई जहाज़ हो, ये एक दूसरे को सपोर्ट करें, एक दूसरे की क्षमता बढ़ाएं.