VIDEO: किसानों को रोकने के लिए सख्‍त 'नाकेबंदी', सिंघू बॉर्डर पर रिपोर्टिंग के लिए 13 किमी चलना पड़ रहा पैदल

पुलिस और किसानों के बीच अविश्‍वास की यह दीवार टूटनी चाहिए थी लेकिन इसे कांटे लगाकर और मजबूत किया जा रहा है. दीवार बनाकर सुलह के रास्‍तों को बंद किया जा रहा है.

VIDEO: किसानों को रोकने के लिए सख्‍त 'नाकेबंदी', सिंघू बॉर्डर पर रिपोर्टिंग के लिए 13 किमी चलना पड़ रहा पैदल

किसानों को आने से रोकने के लिए सड़कों पर नुकीली कीलें लगाई गई हैं

नई दिल्ली:

Kisan Aandolan: किसान आंदोलन के चलते दिल्‍ली से लगी बॉर्डर पर पुलिस ने ऐसी नाकेबंदी की है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके. फर्श पर ठोकी गई कीलें, हर कहीं बैरिकेडिंग, कंटीली तार और पुलिस की तैनाती. ऐसे तमाम जतन किए गए हैं कि कृषि कानूनों (Farm laws) के खिलाफ आंदोलनरत किसान दिल्‍ली की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकें. ऐसा लगता है कि हम पाकिस्‍तान या चीन की सीमा पर खड़े है. स्‍वाभाविक है कि ऐसी चाकचौबंद व्‍यवस्‍था से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आम लोगों की छोडि़ए, मीडिया के लिए इन बाधाओं को पार करके रिपोर्टिंग करना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. दिल्‍ली और हरियाणा को जोड़ने वाली सिंघू बॉर्डर पर इन्‍हीं मुश्किलों से NDTV के संवाददाता सौरभ शुक्‍ला रूबरू हुए.

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सिंघू बार्डर के हालात को रिपोर्ट करने और इन अवरोधकों को पार करने के लिए सौरभ को 13 किमी का सफर करना पड़ा. सिंघू बॉर्डर पर पहला बैरिकेड लगा है इसके आगे जाना मुश्किल है. यहा तक मीडिया को भी कार्ड दिखाकर बड़ी मुश्किल से आगे जाना पड़ रहा है.पुलिस ने सिंधू बॉर्डर चार हिस्‍सों में बांटा है. सीमा से जुड़े गांव वालों की भी कम दुश्‍वारियां नहीं है. गांववाले चार से आठ किमी तक पैदल चलकर काम पर जाने को मजबूर है. अगला बैरिकेड दो तीन किमी दूर हैं, मीडिया को इससे आगे तक जाने की इजाजत नहीं. मतलब यह है कि मीडिया को पुलिस नाकेबंदी और लोहे की कांटे दिखाने हैं तो इसकी इजाजत नहीं है. खेतो से चलते हुए NDTV संवाददाता सिंघू गांव पहुंचे. रास्‍ता दुश्‍वारियों से भरा है और बीच-बीच में पुलिस की तैनाती है ताकि किसानों को रोका जा सके. आगे चलने पर हरियणा की सीमा शुरू हुई, हरियाणा के लोग इन रास्‍तों के जरिये संघर्ष करते हुए दिल्‍ली जाने की कोशिश कर रहे हैं. बैरिकेड पार करते हुए आंदोलन शुरू होने के स्‍थान पर पहुंचने पर देखा जा सकता है कि यहां कंक्रीट की दीवार बनाई गई है, तारबंदी हैं, कीलें लगी हुई है और खंदक भी खोदी गई है. इंटरनेट नहीं है. 


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वैसे तो पुलिस और किसानों के बीच अविश्‍वास की यह दीवार टूटनी चाहिए थी लेकिन इसे कांटे लगाकर और मजबूत किया जा रहा है. दीवार बनाकर सुलह के रास्‍तों को बंद किया जा रहा है. सरकार की ओर से किसानों की नाकेबंदी की तस्‍वीरें लोगों तक पहुंचाने के लिए NDTV को काफी मशक्‍क्‍त करनी पड़ी.