केरल: गोल्‍ड स्‍मगलिंग मामले में स्‍वप्‍ना सुरेश ने खुद को बताया निर्दोष, अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया

स्‍वप्‍ना का कहना है कि स्‍मगलिंग से उसका कोई लेना-देना नहीं है और वह मामले में बेवजह "मीडिया ट्रायल" का सामना कर रही है.

केरल: गोल्‍ड स्‍मगलिंग मामले में स्‍वप्‍ना सुरेश ने खुद को बताया निर्दोष, अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया

स्‍वप्‍ना सुरेश केरल में यूएई मिशन की पूर्व कर्मचारी रही है

तिरुवनंतपुरम:

केरल के बहुचर्चित गोल्‍ड स्‍मगलिंग मामले (Kerala gold smuggling case) में सीमा शुल्क अधिकारियों (customs authorities) की ओर से 'लाभान्वितों' के रूप में नामित स्वप्‍ना सुरेश (Swapna Suresh) ने खुद को निर्दोष बताते हुए अग्रिम जमानत (Anticipatory bail) के लिए आवेदन किया है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस गोल्‍ड स्‍मगलिंग केस में केरल के सीएम ऑफिस के भी कथित तौर पर संलग्‍न होने के आरोप लगाए हैं. स्‍वप्‍ना का कहना है कि स्‍मगलिंग से उसका कोई लेना-देना नहीं है और वह मामले में बेवजह "मीडिया ट्रायल" का सामना कर रही है. केरल हाईकोर्ट के समक्ष ऑनलाइन याचिका में, स्वप्ना ने कहा कि 4 जुलाई को तिरुवनंतपुरम एयरर्पो पर सीमा शुल्क विभाग द्वारा लगभग 30 किलोग्राम सोने की जब्ती के साथ उजागर किए गए रैकेट में उसकी कोई भागीदारी नहीं थी. संयुक्त अरब अमीरात काउंसलेट से जुड़े 'डिप्‍लोमेटिक बैगेज' में यह सोना पाया गया था.


स्वप्ना सुरेश ने कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत अर्जी में कहा कि उसने केरल में यूएई मिशन में कार्यवाहक महावाणिज्य दूतावास (Acting Consulate General) के निर्देशों के तहत कार्गो चेक किया था. कस्‍टम विभाग के सूत्रों ने कहा, "हम उनसे 5 जुलाई से आने और पक्ष रखने की उम्‍मीद लगाए है लेकिन वह अब तक नहीं आई है. 'पैकेज में दिलचस्पी' दिखाने वाले लोगों में से एक होने के नाते अपना पक्ष रखना उसका कानूनी दायित्‍व है."

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गौरतलब है कि केरल में 30 किलोग्राम सोने की तस्करी मामले की जांच NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) करेगी. गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट गोल्ड तस्करी मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, "संगठित तस्करी ऑपरेशन का राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर प्रभाव हो सकता है." उधर, 15 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की जब्ती के सिलसिले में गिरफ्तार एक व्यक्ति को अदालत ने गुरुवार को सीमा शुल्क विभाग की हिरासत में भेज दिया. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) की अदालत ने केरल में एक देश के वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी सरित को 15 जुलाई तक सीमा शुल्क निरोधक आयुक्तालय की हिरासत में भेज दिया.अदालत ने सीमा शुल्क विभाग की उस दलील को मंजूर कर लिया कि मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिये इस व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ किये जाने की जरूरत है.