MP Political Crisis: ज्योतिरादित्य सिंधिया- फाइल फोटो
गृहमंत्री अमित शाह के साथ कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मंगलवार को मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा उन्होंने 9 मार्च को ही दे दिया था, जिसकी कॉपी ज्योदिरादित्य सिंधिया ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर होली के दिन ट्वीट करके जानकारी दी. उम्मीद जताई जा रही है कि आज बीजेपी में ज्योदिरादित्य सिंधिया शामिल हो सकते हैं. उधर खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर पर कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अहम बैठक की. इतना ही नहीं, कांग्रेस के 20 विधायक इस्तीफे के लिए तैयार हैं. थोड़ी देर में फैक्स के जरिए विधानसभा को सूचित करेंगे. सूत्रों के हवाले यह भी खबर मिली है कि मध्य प्रदेश के भोपाल में बीजेपी संसदीय दल की बैठक आज शाम करीब 6 बजे होगी. एमपी के राज्यपाल छुट्टी रद्द कर भोपाल पहुंच रहे हैं. सरकार गठन को लेकर मंजूरी मिलने की संभावना है.
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) March 10, 2020
बताते चले कि मध्य प्रदेश में सियासी ड्रामा चल रहा है. यहां मुख्यमंत्री कमलनाथ का संकट बढ़ता हुआ दिख रहा है. सोमवार को करीब 20 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि, आठ मंत्री सीएम कमलनाथ की सोमवार शाम को हुई बैठक में नहीं पहुंचे. आपको बता दें कि सिंधिया खेमे के कुछ मंत्री पहले ही बेंगलुरु जा चुके हैं. कुल 17 विधायक बेंगलुरु गए हैं जिससे कमलनाथ सरकार का संकट बढ़ गया है. वहीं कमलनाथ ने कहा है कि माफ़िया की मदद से सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं हम उनकी कोशिश सफल नहीं होने देंगे.
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न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार की देर रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने आवास पर बैठक की. बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल रहे.भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार है. केंद्र में उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है. कमलनाथ सरकार के गिरने की स्थिति में बनने वाली नई सरकार में सिंधिया खेमे को एक उपमुख्यमंत्री पद भी भाजपा दे सकती है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सिंधिया तक बात पहुंचा दी गई है.
यहां अगर आंकड़ों का गेम देखें तो गेंद भारतीय जनता पार्टी के पाले में जाती दिख रही है. अभी मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 सीटें हैं, जिसमें से दो विधायकों के निधन होने की वजह से दो सीटें रिक्त हैं. ऐसे में फिलहाल सदस्यों की कुल संख्या 228 है. ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 115 हुआ. अभी कांग्रेस के पास 114, भाजपा के पास 107, सपा के पास 1, बसपा के पास 2 और निर्दलीय चार विधायक हैं. सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों का कांग्रेस को समर्थन है.
अगर बेंगलुरु गए 17 विधायक इस्तीफा दे देते हैं तो विधानसभा के सदस्यों की संख्या 211 रह जाती है. ऐसे में बहुमत का आंकड़ा होगा 106. कांग्रेस के पास केवल 97 विधायक रह जाएंगे और भाजपा के साथ 107 विधायक होंगे. अगर सपा, बसपा और निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस को समर्थन देते हैं तो वह बहुमत का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी. इन सबके समर्थन के साथ कांग्रेस के पास 104 विधायक होंगे. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस तरह सत्ता भाजपा के हाथों में जा सकती है.
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