जम्मू-कश्मीर नेशनल कान्फ्रेंस नेता देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह BJP में हुए शामिल

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, धर्मेंद्र प्रधान और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में इन नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान कई कई अन्य बीजेपी नेता भी मौके पर मौजूद रहे.

जम्मू-कश्मीर नेशनल कान्फ्रेंस नेता देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह BJP में हुए शामिल

BJP में शामिल हुए नेशनल कान्फ्रेंस नेता देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर नेशनल कान्फ्रेंस के पूर्व नेता देवेंद्र राणा ( National Conference leaders Devender Rana) और सुरजीत सिंह सलाथिया बीजेपी में शामिल हो गए हैं. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, धर्मेंद्र प्रधान और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में इन नेताओं ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान कई कई अन्य बीजेपी नेता भी मौके पर मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने देवेंद्र राणा और सुरजीत सिंह का गुलदस्ते के साथ स्वागत किया. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता व पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है.

जम्मू-कश्मीर में इन दिनों कई हिन्दुओं और सिखों (Hindu Sikh Killed) की आतंकियों ने हत्या की है, जिसको लेकर माहौल तनावपूर्ण है. अल्पसंख्यक नेताओं ने नेशनल कान्फ्रेंस और घाटी में सक्रिय अन्य राजनीतिक दलों पर इस मामले में पूरी ताकत से विरोध न करने का आरोप लगाया है. हालांकि उमर अब्दुल्ला ने ऐसे आतंकी हमलों (Terrorist Attack) की कड़ी निंदा की है. 

इन दोनों नेताओं ने एक दिन पहले नेशनल कान्फ्रेंस की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था. इस मौकेपर देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि अब समय आ गया है कि जम्मू की भी एक राजनीतिक धारणा बने. पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारा यह प्रयास होगा कि जम्मू-कश्मीर के लिए जम्मू क्षेत्र में एक समग्र धारणा बने. हम डिक्सन प्लान को कामयाब नहीं होने देंगे औऱ न ही उनके समर्थक कामयाब होंगे. 

देवेंद्र राणा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के छोटे भाई और पूर्व विधायक हैं.  वो पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. जम्मू-कश्मीर के बीजेपी प्रभारी महासचिव तरुण चुग और जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने दोनों नेताओं का पार्टी में अभिवादन किया, देवेंद्र राणा  राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी संगठनों की संयुक्त घोषणा के तौर पर ‘जम्मू घोषणापत्र' की आवाज उठाते रहे हैं. इसमें जम्मू क्षेत्र के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने और पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए यह दर्जा नहीं देने की मांग शामिल है.

केंद्र ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे को खत्म कर दिया था. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के छोटे भाई और पूर्व विधायक राणा जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं. जम्मू कश्मीर के लिए भाजपा के प्रभारी महासचिव तरुण चुग और पार्टी की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रवींद्र रैना ने दोनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया. 

राणा अनेक राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी संगठनों की संयुक्त घोषणा के रूप में ‘जम्मू घोषणापत्र' जारी किये जाने की वकालत करते रहे हैं, जिसमें मुख्य रूप से जम्मू क्षेत्र के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने और पूरे जम्मू कश्मीर के लिए यह दर्जा बहाल नहीं करने की मांग शामिल है।

केंद्र सरकार ने 2019 में जम्मू कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे को समाप्त कर दिया था और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया था. जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों बांटा गया था.


 गौरतलब है कि कश्मीर में पिछले 10 दिनों के भीतर सात अल्पसंख्यकों की हत्याएं हो चुकी हैं. आतंकियों ने दवा कारोबारी माखन लाल बिंदरू को श्रीनगर में उनकी दुकान के अंदर ही गोलियों से भून दिया था. जबकि एक सरकारी स्कूल में दो हिन्दू शिक्षकों की गोली मार कर हत्या कर दी गई. इसको लेकर सिखों औऱ हिन्दू संगठनों ने श्रीनगर में प्रदर्शन भी किए हैं. हालांकि अल्पसंख्यक संगठनों ने घाटी में अन्य समूहों ने मदद न मिलने का आरोप भी लगाया है. 

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श्रीनगर में आतंकी हमले, हिन्दू और सिखों को बनाया गया निशाना