जबलपुर:
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में पांच बेटियों की हत्या के दोषी को गुरुवार 8 अगस्त को जबलपुर के केंद्रीय कारा में दी जाने वाली फांसी टल गई है।
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.सतशिवम द्वारा बुधवार देर रात जारी किए गए अंतरिम आदेश के अनुसार फिलहाल फांसी टली है।
उल्लेखनीय है कि मगन लाल बारेला ने जून, 2010 में दो पत्नियों के संपत्ति विवाद की वजह से अपनी पांच बेटियों आरती, सविता, लीला, जमुना और फूलकंवर की हत्या कर दी थी। सभी की उम्र एक से छह साल के बीच थी।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 22 जुलाई को बारेला की दया याचिका को खारिज कर दिया था। उसके बाद एक गैर सरकारी संगठन ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि उसे कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं है, लिहाजा उसे यह मुहैया कराई जाए। इसके आधार पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश ने फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी। देर रात को मुख्य न्यायाधीश का आदेश मिलने की जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने पुष्टि की।
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पी.सतशिवम द्वारा बुधवार देर रात जारी किए गए अंतरिम आदेश के अनुसार फिलहाल फांसी टली है।
उल्लेखनीय है कि मगन लाल बारेला ने जून, 2010 में दो पत्नियों के संपत्ति विवाद की वजह से अपनी पांच बेटियों आरती, सविता, लीला, जमुना और फूलकंवर की हत्या कर दी थी। सभी की उम्र एक से छह साल के बीच थी।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 22 जुलाई को बारेला की दया याचिका को खारिज कर दिया था। उसके बाद एक गैर सरकारी संगठन ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा कि उसे कानूनी सहायता उपलब्ध नहीं है, लिहाजा उसे यह मुहैया कराई जाए। इसके आधार पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश ने फांसी पर अंतरिम रोक लगा दी। देर रात को मुख्य न्यायाधीश का आदेश मिलने की जेल अधीक्षक अखिलेश तोमर ने पुष्टि की।
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