सेना में हथियारों की ख़रीद के लिए डेढ़ लाख नौकरियां ख़त्म करने पर विचार किया जा रहा है.
नई दिल्ली:
भारतीय सेना बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. सेना में हथियारों की ख़रीद के लिए डेढ़ लाख नौकरियां ख़त्म करने पर विचार किया जा रहा है. इससे बचने वाले 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये से हथियार खरीदे जाएंगे. खर्च घटाने और नए एडवांस हथियार, उपकरणों की खरीद के लिए पैसा जुटाने के मकसद से यह कदम उठाया जाएगा. वर्तमान में आर्मी के कुल 1.2 लाख करोड़ के बजट में से 83 फीसदी उसके राजस्व व्यय और वेतन सहित कई अन्य मद में खर्च हो जाता है. इसमें सेना से रिटायर्ड लोगों का पेंशन शामिल नहीं है.
सेना को मिलने वाले बजट का सिर्फ 17 प्रतिशत यानी 26,826 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्चों के लिए जाता है. यह वो राजस्व है जिसे लेकर सेना पूरी तरह खुश नहीं है. आने वाले समय में नौकरी में कटौती के बाद इससे बचने वाले 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये से हथियार खरीदे जाएंगे. इससे सेना के पास 31,826 से 33,826 करोड़ रुपये तक हो जाएंगे.
सरकार ने करीब 15 हजार करोड़ की हथियार खरीद योजना को दी मंजूरी, सेना होगी और भी ताकतवर
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना का शीर्ष नेतृत्व कैडर समीक्षा तथा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना को 'हल्का और सार्थक' बनाने के लिए जरूरी कदमों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगा. फिलहाल सेना में करीब 13 लाख सैन्यकर्मी हैं. रक्षा मंत्रालय पहले ही सेना के लिए विभिन्न सुधारों की घोषणा कर चुका है, जिनमें करीब 57,000 अधिकारियों और अन्य कर्मियों की पुनर्तैनाती और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल शामिल है.
सूत्रों ने कहा, 'सेना प्रमुख और शीर्ष कमांडर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जिनका लक्ष्य सेना को हल्का और सार्थक बनाना है.' उनके अनुसार कैडर समीक्षा के तहत सेना ब्रिगेडियर रैंक खत्म करने पर भी विचार कर रही है. एक उच्चस्तरीय समिति ने सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने के लिए कई सिफारिशें की है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और शीर्ष कमांडर सैन्य संगठन के पुनर्गठन और सैनिकों की संभावित कटौती समेत सेना में बड़े सुधारों के मुद्दे पर मंगलवार को चर्चा कर सकते हैं.
सेना को मिलने वाले बजट का सिर्फ 17 प्रतिशत यानी 26,826 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्चों के लिए जाता है. यह वो राजस्व है जिसे लेकर सेना पूरी तरह खुश नहीं है. आने वाले समय में नौकरी में कटौती के बाद इससे बचने वाले 5 से 7 हज़ार करोड़ रुपये से हथियार खरीदे जाएंगे. इससे सेना के पास 31,826 से 33,826 करोड़ रुपये तक हो जाएंगे.
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सेना का शीर्ष नेतृत्व कैडर समीक्षा तथा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना को 'हल्का और सार्थक' बनाने के लिए जरूरी कदमों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेगा. फिलहाल सेना में करीब 13 लाख सैन्यकर्मी हैं. रक्षा मंत्रालय पहले ही सेना के लिए विभिन्न सुधारों की घोषणा कर चुका है, जिनमें करीब 57,000 अधिकारियों और अन्य कर्मियों की पुनर्तैनाती और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल शामिल है.
सूत्रों ने कहा, 'सेना प्रमुख और शीर्ष कमांडर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जिनका लक्ष्य सेना को हल्का और सार्थक बनाना है.' उनके अनुसार कैडर समीक्षा के तहत सेना ब्रिगेडियर रैंक खत्म करने पर भी विचार कर रही है. एक उच्चस्तरीय समिति ने सेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने के लिए कई सिफारिशें की है. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और शीर्ष कमांडर सैन्य संगठन के पुनर्गठन और सैनिकों की संभावित कटौती समेत सेना में बड़े सुधारों के मुद्दे पर मंगलवार को चर्चा कर सकते हैं.
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