मध्य प्रदेश में भी कोरोना से हुईं मौतों के सरकारी आंकड़े वास्तविकता से कम होने के मिले संकेत

Madhya Pradesh Covid Deaths : सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के डेटा के अनुसार, जो सबसे पहले पत्रकार रुक्मिणी ने हासिल किया था. उसमें अप्रैल-मई 2018 और 2019 में हुई मौतों का आंकड़ा औसतन 59 हजार रहा है. लेकिन इस साल इन दो महीनों में आंकड़ा 2.3 लाख रहा है.

मध्य प्रदेश में भी कोरोना से हुईं मौतों के सरकारी आंकड़े वास्तविकता से कम होने के मिले संकेत

MP Coronavirus News: मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में केस लगातार बढ़ रहे थे (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली:

बिहार के बाद मध्य प्रदेश में भी कोरोना वायरस (Madhya Pradesh Covid Deaths) से हुईं मौतों का आंकड़ा वास्तविकता से काफी कम दिखाए जाने का संकेत मिल रहा है. कोरोना की दूसरी लहर (Corona Virus Second wave)के दौरान ऐसी विसंगतियां देखने को मिल रही हैं. राज्य में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मौतों की बताई गई संख्या कोरोना पूर्व के समय में ऐसे महीनों में हुई औसत मृत्यु के आंकड़ों से तीन गुना अधिक है. हालांकि कोविड से मौतों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आईं इन मौतों की तुलना में काफी कम है. एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया समेत कई विशेषज्ञों ने राज्यों में कोरोना से हुई मौतों का ऑडिट कराने की मांग की है.

सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के डेटा के अनुसार, जो सबसे पहले पत्रकार रुक्मिणी ने हासिल किया था. उसमें अप्रैल-मई 2018 और 2019 में हुई मौतों का आंकड़ा औसतन 59 हजार रहा है. लेकिन इस साल इन दो महीनों में आंकड़ा 2.3 लाख रहा है. यह वक्त कोरोना की दूसरी लहर की पीक का समय भी रहा है. यह कोरोना पूर्व के समय की मौतों के आंकड़े से 290 फीसदी ज्यादा है. ऐसे में इसे सामान्य नहीं माना जा सकता. 

इन दो महीनों में हुईं 1.74 लाख मौतों में से दो तिहाई से ज्यादा यानी 1.3 लाख मौतें सिर्फ मई में दर्ज हुई हैं. हालांकि सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि अप्रैल और मई में कोरोना से कुल 4100 मौतें मध्य प्रदेश में इन दो महीनों के दौरान हुई हैं. यह आंकड़ा इन दो महीनों में हुईं कुल मौतों के मुकाबले बेहद कम संख्या है. इससे मध्य प्रदेश में भी कोरोना से हुईं मौतों की संख्या कमतर दिखाने के सवाल उठ खड़े हुए हैं. 

यह पहली बार नहीं है कि मध्य प्रदेश में कोरोना से हुईं मौतों के सरकारी आंकड़ों पर सवाल उठे हैं. NDTV ने इससे पहले भी बताया था कि इसी साल अप्रैल में अकेले भोपाल जिले में ही श्मशान गृह से से मिले आंकड़ों से 3811 कोविड मौतें होने की पुष्टि हुई है. हालांकि शिवराज सिंह चौहान की सरकार सिर्फ अप्रैल में महज 104 मौतें कोरोना से होने का दावा कर रही है.मध्य प्रदेश सरकार ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.


गुरुवार को बिहार सरकार ने राज्य में कोरोना से हुई मौतों (Bihar Covid deaths) का आंकड़ा संशोधित किया था. इससे बिहार में कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा 72 फीसदी बढ़कर 9 हजार के पार पहुंच गया. इस बदलाव के कारण भारत में कोरोना से एक दिन में मौतों का आंकड़ा भी रिकॉर्ड 6148 तक पहुंच गया था. 

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