
सुप्रीम कोर्ट में गुजरात के चुनाव EVM VVPAT से कराने के बारे में आई एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई.
नई दिल्ली:
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह गुजरात चुनाव VVPAT से करा सकेगा. फिलहाल आयोग के पास 53 हजार 500 EVM VVPAT हैं जबकि गुजरात चुनाव के लिए 70 हजार VVPAT चाहिए. आयोग ने इस संबंध में VVPAT के लिए आर्डर किया है और 48 हजार VVPAT 31 अगस्त तक मिलेंगे. इसके अलावा 25000 VVPAT सितंबर के अंत तक मिलने हैं.
ऐसे में अगर सभी VVPAT से जुड़ी EVM वक्त पर मिलीं तो गुजरात में चुनाव EVM से जुड़े VVPAT के साथ कराए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के जवाब पर संतुष्टि जताई लेकिन सुनवाई गुरुवार के लिए टाल दी. कोर्ट ने सुनवाई टालने की मांग करने वाले पक्षकार को चेतावनी दी कि अगर गुरुवार को ठोस दलीलें न रखीं तो जुर्माना लग सकता है.
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दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा था कि EVM मशीनों के साथ VVPAT यानी पेपर टेल जोड़े जाने की वास्तविक स्थिति क्या है? क्या चुनाव आयोग गुजरात चुनाव VVPAT से करा सकता है? हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को फिलहाल कोई भी निर्देश नहीं दिया है.
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को चार हफ्ते का वक्त दिया था और इस याचिका को भी दूसरी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है. सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल महीने में ही केंद्र सरकार ने VVPAT के लिए 3137 करोड़ का फंड जारी किया है. इसके लिए चुनाव आयोग व्यवस्था कर रहा है लेकिन फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है.
VIDEO : वाघेला ने छोड़ा कांग्रेस का साथ
दरअसल सुप्रीम कोर्ट मे दाखिल एक जनहित याचिका में मांग की गई है कि गुजरात के चुनाव VVPAT से होने चाहिए ताकि EVM गड़बड़ी न हो. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था.
ऐसे में अगर सभी VVPAT से जुड़ी EVM वक्त पर मिलीं तो गुजरात में चुनाव EVM से जुड़े VVPAT के साथ कराए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के जवाब पर संतुष्टि जताई लेकिन सुनवाई गुरुवार के लिए टाल दी. कोर्ट ने सुनवाई टालने की मांग करने वाले पक्षकार को चेतावनी दी कि अगर गुरुवार को ठोस दलीलें न रखीं तो जुर्माना लग सकता है.
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सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को चार हफ्ते का वक्त दिया था और इस याचिका को भी दूसरी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है. सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि अप्रैल महीने में ही केंद्र सरकार ने VVPAT के लिए 3137 करोड़ का फंड जारी किया है. इसके लिए चुनाव आयोग व्यवस्था कर रहा है लेकिन फिलहाल कुछ भी कहना मुश्किल है.
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट मे दाखिल एक जनहित याचिका में मांग की गई है कि गुजरात के चुनाव VVPAT से होने चाहिए ताकि EVM गड़बड़ी न हो. इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा था.
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