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This Article is From May 18, 2017

कुलभूषण केस में यदि पाकिस्‍तान ICJ के फैसले को नहीं मानता तो ये होगा भारत का जवाब

जानकारों का मानना है कि ऐसी सूरतेहाल में भारत के पास सुरक्षा परिषद में जाने का विकल्‍प होगा.

कुलभूषण केस में यदि पाकिस्‍तान ICJ के फैसले को नहीं मानता तो ये होगा भारत का जवाब
नई दिल्ली: यदि कुलभूषण जाधव केस में पाकिस्‍तान, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) के फैसले का क्रियान्‍वयन नहीं करता तो सवाल उठता है कि फिर से भारत के पास क्‍या विकल्‍प बचते हैं. जानकारों का मानना है कि ऐसी सूरतेहाल में भारत के पास सुरक्षा परिषद में जाने का विकल्‍प होगा. इस संबंध में संयुक्‍त राष्‍ट्र (UN) चार्टर कहता है कि संयुक्‍त राष्‍ट्र का हर सदस्‍य  अंतरराष्‍ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस के निर्णयों को मानने को बाध्‍य है और यदि कोई पार्टी या पक्ष फैसले के क्रियान्‍वयन को करने में विफल रहता है तो अन्‍य पक्ष या पार्टी सुरक्षा परिषद का रुख कर सकता है. उसके बाद सुरक्षा परिषद फैसले का क्रियान्‍वयन कराने के उपायों पर विचार करेगा.

इस संबंध में पूर्व सॉलिसिटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा का कहना है कि हालांकि यह सही है कि जिस तरह घरेलू कोर्ट के जजमेंट को लागू किया जाता है, उस तरह इसको लागू नहीं किया जा सकता लेकिन इस तरह के सूरतेहाल में भारत, पाकिस्‍तान के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की बात भी कह सकता है.

सिद्धार्थ लूथरा ने कहा, ''आईसीजे ऐसा निकाय है जहां आप सहमति के आधार पर जाते हैं. इस मामले में पाकिस्‍तान कह सकता है कि भारत ने आईसीजे में जाने से पहले हमसे सहमति नहीं ली थी तो इस मामले में कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठ सकता है. ऐसे फैसले वास्‍तव में तब बाध्‍यकारी होते हैं जब संबंधित देश इसको मानने पर सहमति देते हैं. यदि पाकिस्‍तान कोर्ट के जजमेंट के खिलाफ जाता है तो भारत इस मसले को सुरक्षा परिषद के पास ले जा सकता है.'' उल्‍लेखनीय है कि जासूसी के आरोप में कुलभूषण जाधव को पाकिस्‍तान की सैन्‍य अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.

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