ऐसे हालात में कैसे न हो घबराहट'': यूक्रेन में फंसे भारतीय स्‍टूडेंट ने NDTV को सुनाई आपबीती

वहां के हालात पर चर्चा के बारे में अनुभव आर्या ने कहा, 'कई लोग ATM पर खड़े हुए हैं. इसके पास ही मेडिकल शॉप है. यहां काफी भीड़ है और कोई कार्ड स्‍वीकार नहीं कर रहा है. सभी को कैश चाहिए .'

रूस के हमले के कारण पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए स्‍टूडेंट्स, वहां फंसकर रह गए हैं. इन स्‍टूडेंट्स की उम्‍मीद भारत सरकार पर टिकी हुई है और उन्‍हें उम्‍मीद है कि भारत सरकार उनकी सुरक्षित 'घरवापसी' का इंतजाम करेगी. संकट के बीच कई भारतीय, यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास भी पहुंचे और वहां अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया. एक भारतीय स्‍टूडेंट ने बताया कि हमने चार-पांच धमाकों की आवाज सुनी, मेरे कुछ दोस्‍त रो रहे थे. ऐसे हालत में हमेंं घबराहट कैसे नहीं होगी. 'यूक्रेन के Vinnytsia शहर से एक अन्‍य छात्र जुनैद ने NDTV से कहा, 'जब मैंने कीव में अपने दोस्‍तों से बात की तो चार से पांच धमाकों की आवाज सुनी. वे घबराए हुए थे और रो रहे थे.' उन्‍होंने कहा, 'मुझे उम्‍मीद है कि भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा. हम डरे हुए हैं..'

यूक्रेेन के हालात पर बताते हुए एक अन्‍य छात्र अनुभव आर्या ने कहा, 'कई लोग ATM पर खड़े हुए हैं. इसके पास ही मेडिकल शॉप है. यहां काफी भीड़ है और कोई कार्ड स्‍वीकार नहीं कर रहा है. सभी को कैश चाहिए .'  इस भारतीय स्‍टूडेंट ने बताया कि हमने एक अन्‍य दोस्‍त को कैश के लिए दूसरे एटीएम भेजा है, पता नहीं कैश मिल पाएगा नहीं. भारत सरकार और हमारे भारतीय दूतावास से कहना चाहते हैं कि हम जल्‍द से जल्‍द वापस लौटना चाहते हैं. कृपया कुछ करिए. हम आप पर निर्भर हैं. अनुभव ने स्‍टूडेंट्स के पेरेंट्स से भी हौसला रखने को आग्रह किया. उन्‍होंने कहा-घबराएं नहीं, हौसला रखिए. हम जल्‍द से जल्‍द सुरक्षित भारत पहुंच जाएंगे.     

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गौरतलब है कि यूक्रेन के रूस के हमलों को देखते हुए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, ऐसे में वहां बड़ी संख्‍या में लोग फंसकर रह गए हैं. वहां फंसे लोगों की सलामती के लिए भारत में परिजन उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं.  यूक्रेन में फंसे एक छात्र के चिंतित पिता ने सरकार से मदद करने के लिए अपील की है. उन्होंने बताया, 'मेरे बेटे को कीव से दिल्ली के लिए फ्लाइट लेनी थी, लेकिन हवाई क्षेत्र बंद था. उसने हवाई अड्डे पर बम धमाकों की आवाज सुनी. उन्हें हवाई अड्डे से बाहर ले जाया गया और अब वे कीव की सड़कों पर फंसे हुए हैं. अगर आप भारतीय दूतावास को उनसे संपर्क करने के लिए कह सकते हैं, तो मैं उनका मोबाइल नंबर साझा कर सकता हूं. हम बहुत चिंतित हैं. '