
नई दिल्ली:
नेपाल में आये भूकंप के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किस तरह कमान संभाली इसका पूरा ब्यौरा गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में दिया। उन्होंने कहा, भूकंप की जानकारी उनको सबसे पहले प्रधानमंत्री ने दी। बेशक मैं गृहमंत्री हूं, लेकिन मुझे जानकारी नहीं थी। मुझे यह बताने में कोई शर्म नहीं है।
गृहमंत्री ने कहा, अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 3000 से ऊपर जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को 13 मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
नेपाल से अगर कोई विदेशी भी भारत आना चाहते हैं उनके लिए भारत सरकार ने विशेष प्रबंध भी कर दिए है। खास इमीग्रेशन काउंटर्स बनाए गए हैं ताकि कोई दिक्कत न हो।
राजनाथ ने यह भी कहा कि आव्रजन ब्यूरो को नेपाल में फंसे पर्यटकों को अस्थायी वीजा देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने सशस्त्र सीमा बल को सीमा के पास शिविर बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नेपाल सीमा पार कर भारत आ रहे लोगों का उपचार किया जा सके।
राजनाथ ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात की और 'उनसे नेपाल में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए बसें एवं उपचार के लिए एंबुलेंस भेजने के लिए कहा।
इससे पहले पार्टी के सांसदों ने भी केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की तारीफ की। सभी ने ये फैसला भी किया कि एक महीने की सैलरी लोग प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में दे देंगे।
बयान के मुख्य अंश -
गृहमंत्री ने कहा, अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 3000 से ऊपर जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने शनिवार को 13 मुख्यमंत्रियों से बात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
नेपाल से अगर कोई विदेशी भी भारत आना चाहते हैं उनके लिए भारत सरकार ने विशेष प्रबंध भी कर दिए है। खास इमीग्रेशन काउंटर्स बनाए गए हैं ताकि कोई दिक्कत न हो।
राजनाथ ने यह भी कहा कि आव्रजन ब्यूरो को नेपाल में फंसे पर्यटकों को अस्थायी वीजा देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने सशस्त्र सीमा बल को सीमा के पास शिविर बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि नेपाल सीमा पार कर भारत आ रहे लोगों का उपचार किया जा सके।
राजनाथ ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों से बात की और 'उनसे नेपाल में फंसे नागरिकों को निकालने के लिए बसें एवं उपचार के लिए एंबुलेंस भेजने के लिए कहा।
इससे पहले पार्टी के सांसदों ने भी केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों की तारीफ की। सभी ने ये फैसला भी किया कि एक महीने की सैलरी लोग प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में दे देंगे।
बयान के मुख्य अंश -
- भूकंप आने के पांच मिनट के भीतर में पीएम मोदी के पास पहुंच गया था।
- राजनाथ सिंह ने बताया कि पीएम ने 3 बजे एक बैठक बुलाने को कहा था।
- पीएम मोदी को घटना के बारे में पहले से जानकारी थी और उन्होंने निर्देश भी जारी कर दिए थे।
- नेपाल और भारत में भूकंप से प्रभावित लोगों को हमारी सरकार पूरी मदद देगी।
- भूकंप के तुरंत बाद पीएम मोदी ने 11-12 मुख्यमंत्रियों से बातचीत की।
- राजनाथ सिंह ने बताया कि हमने तय किया कि नेपाल से सटे राज्यों को तुरंत बसों के जरिये लोगों को बचाने का काम शुरू कर देना चाहिए।
- नेपाल में भूकंप के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने तुरंत कदम उठा लिए थे।
- राजनाथ सिंह बताया कि चार एनडीआरएफ की टीमें बिहार भेजी गईं और एक टीम यूपी भेजी गई।
- गृहमंत्री ने बताया कि पीएम खुद पूरी स्थिति का जायजा लेते रहे हैं और नजर बनाए हुए हैं।
- केंद्र लगातार प्रभावित राज्यों से संपर्क में है। सरकार ने सभी राज्यों को पूरी मदद का भरोसा दिया है।
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