आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (फाइल फोटो)
जयपुर:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हिन्दू मान्यताओं और धार्मिक मूल्यों की वैज्ञानिक दृष्टिकोण के मुताबिक समीक्षा किए जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन मूल्यों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, उन्हें खत्म कर दिया जाना चाहिए।
जयपुर में एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए भागवत ने कहा कि गलत रूढ़ियों को नकारते हुए शाश्वत जीवन मूल्यों के आधार पर दुनिया से अच्छी बातों को स्वीकार करने की भारत की परम्परा रही है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सभी मुद्दों व समस्याओं को हिन्दू जीवन के दर्शन की कसौटी पर देखा जाना चाहिए।
भागवत ने कहा कि हिन्दू जीवन स्त्री और पुरुष को एक ही तत्व की दो भिन्न अभिव्यक्तियों की तरह देखता है। इसका जोर एकता की ओर है, ना कि समानता की ओर। संघ प्रमुख के मुताबिक भारतीय पारिवारिक संरचना के मूल्य व महत्व कई दिक्कतों के बाद भी मजबूती से कायम हैं। सरसंघचालक ने कहा कि केवल हिन्दू धर्म में ही, संतुलित तरीके से सृजन व निर्माण को आगे बढ़ाने की काबिलियत है।
जयपुर में एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए भागवत ने कहा कि गलत रूढ़ियों को नकारते हुए शाश्वत जीवन मूल्यों के आधार पर दुनिया से अच्छी बातों को स्वीकार करने की भारत की परम्परा रही है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सभी मुद्दों व समस्याओं को हिन्दू जीवन के दर्शन की कसौटी पर देखा जाना चाहिए।
भागवत ने कहा कि हिन्दू जीवन स्त्री और पुरुष को एक ही तत्व की दो भिन्न अभिव्यक्तियों की तरह देखता है। इसका जोर एकता की ओर है, ना कि समानता की ओर। संघ प्रमुख के मुताबिक भारतीय पारिवारिक संरचना के मूल्य व महत्व कई दिक्कतों के बाद भी मजबूती से कायम हैं। सरसंघचालक ने कहा कि केवल हिन्दू धर्म में ही, संतुलित तरीके से सृजन व निर्माण को आगे बढ़ाने की काबिलियत है।
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