विज्ञापन

लश्कर आतंकी ‘खरगोश’ का नेटवर्क बेनकाब, हाफिज सईद तक पहुंचा रहा था जानकारी, फर्जी पासपोर्ट पर विदेश फरार

श्रीनगर में लश्कर‑ए‑तैयबा के एक आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि आतंकी उमर हासिम उर्फ ‘खरगोश’ ने जयपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाया और इसी आधार पर विदेश फरार हो गया.

लश्कर आतंकी ‘खरगोश’ का नेटवर्क बेनकाब, हाफिज सईद तक पहुंचा रहा था जानकारी, फर्जी पासपोर्ट पर विदेश फरार
राजस्थान‑पंजाब‑हरियाणा में खड़ा किया आतंकी नेटवर्क
  • जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मॉड्यूल का पुलिस ने खुलासा किया है
  • उमर हासिम ने जयपुर में फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने का प्रयास किया था
  • उमर हासिम ने राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में आतंकी नेटवर्क स्थापित किया और लश्कर के चीफ को सूचनाएं दीं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में लश्कर‑ए‑तैयबा के एक आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है. श्रीनगर पुलिस की जांच में सामने आया है कि लश्कर‑ए‑तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हासिम उर्फ ‘खरगोश' ने जयपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट बनवाया और इसी आधार पर विदेश फरार हो गया. मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि उमर हासिम वर्ष 2012 में पाकिस्तान से जम्मू‑कश्मीर पहुंचा था, जहां उसने लश्कर‑ए‑तैयबा संगठन को मजबूत करने का काम किया.

राजस्थान‑पंजाब‑हरियाणा में खड़ा किया आतंकी नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक, उसने राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में पूरा आतंकी मॉड्यूल खड़ा किया. वह पाकिस्तानी आतंकी अबु हुरैरा के संपर्क में था और लश्कर‑ए‑तैयबा के चीफ हाफिज सईद को जानकारियां देता था. साल 2023 में आतंकी उमर हासिम जयपुर आया और 2024 तक करीब एक साल जयपुर में रहा. इस दौरान वह जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों, पर्यटक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में घूमता रहा. मामले की जांच में यह भी सामने आया है कि जयपुर में रहते हुए उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाया.

जयपुर में इलेक्ट्रॉनिक दुकान में कर रहा था काम

जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर में उसने एक युवती से शादी की थी और इसी शादी के आधार पर उसने जयपुर में पासपोर्ट और कुछ अन्य दस्तावेज बनवाए. हालांकि यह शादी जयपुर में नहीं हुई थी और न ही युवती का परिवार जयपुर में रहता है. आतंकी ने “शहजाद” नाम से पासपोर्ट बनवाया और जयपुर के चारदीवारी इलाके में रहा. जांच एजेंसियों के अनुसार, इसी फर्जी पासपोर्ट के आधार पर वह पहले इंडोनेशिया और फिर खाड़ी देश में फरार हो गया. जयपुर में रहते हुए वह एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में काम करता था और एसी व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत का काम करता था.

अब तक इस मामले में किस-किस की गिरफ्तारी

इस मामले में राजस्थान ATS और श्रीनगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जयपुर से उसके कुछ संदिग्ध सहयोगियों को डिटेन किया है. इनमें उसे नौकरी देने वाला एक शख्स शामिल है. वहीं, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के मकान किराये पर देने वाले मकान मालिक को भी डिटेन किया गया है. इसके अलावा, एक अन्य व्यक्ति को फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाने में मदद करने के आरोप में डिटेन किया गया है. चौथे शख्स को भी डिटेन किया गया है, जो आतंकी का दोस्त बना और उसके साथ नेपाल घूमने गया था.

राजस्थान ATS मामले की जांच में जुटी

खुफिया एजेंसियों के साथ‑साथ अब पुलिस भी इस पूरे मामले की जांच कर रही है, क्योंकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जयपुर में रहना और पासपोर्ट बनवाना सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, जयपुर से पहले आतंकी हरियाणा के नूंह (मेवात) इलाके में भी रह चुका है. फिलहाल राजस्थान ATS मामले की जांच में जुटी हुई है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com