
पीठासीन अधिकारियों की पहली बैठक के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन का आयोजन 16,17 और 18 नवंबर को हिमाचल प्रदेश के शिमला में किया जाएगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 1921 में पीठासीन अधिकारियों की पहली बैठक हुई थी. इस खास अवसर पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन 16,17,18 नवंबर को शिमला में होगा.लोकतांत्रिक व्यस्था को मजबूत करने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसमें राज्य के सभापति, पीठासीन अधिकारी , राज्यसभा के सभापति और लोकसभा अध्यक्ष होते हैं, अलग अलग राज्यों से मिले विचारों पर चर्चा होती है. इसके पीछे उद्देश्य यह है कि शासन जिम्मेदार बने, पारदर्शी बने, नई तकनीक से जुड़े. 2001 में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संसद सदस्य समेत सभी ने हिस्सा लिया. दलबदल कानून इसी आधार पर बना.सभी राज्यों में सदन की कार्रवाई को लाइव करने का फैसला लिया गया.सारी बातों की चर्चा इसी सम्मेलन में हुई. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस सम्मेलन की शुरुआत करेंगे. इस मौके पर प्रतिपक्ष के नेता भी होंगे.1921 के बाद लगातार सारी संस्थाओं को अपने नियम बनाने के अधिकार है. राज्यो को भी संसद की तरह वित्तीय अधिकार मिले.हमारा यह अनुरोध होता है कि सदन की कार्यवाही हो.इस पर वयापक चर्चा होती है. सदन में अनुशासन हो, इस बारे में सबसे और चर्चा करेंगे और संवाद करेंगे. नियम और प्रक्रिया के तहत हो, जो बिजनेस कमेटी तय करेगी.
उन्होंने कहा कि शिमला में हो रहे सम्मेलन इस बात पर में चर्चा करेंगे कि शताब्दी वर्ष में लोकतांत्रिक प्रक्रिया सही कैसे चले और जनता के प्रति और अधिक जवाबदेह बने. अब हर राज्यों के विधानसभा में लाइब्रेरी बनने लगी है. यहां संसद में 24 घंटे लाइब्रेरी खुली रहती है. जिन विषयों पर चर्चा होनी है,उन पर सदस्यों को एक्सपर्ट की राय जानने की सुविधा होती है. उन्होंने कहा कि 1857 के बाद के सारे रिकॉर्ड संसद में उपलब्ध होंगे, ऐसे इंतजाम हम करने जा रहे हैं.हम लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाएंगे.100 साल के कार्यक्रम बनाएंगे. कैसी चुनौती आएगी] इस बार बात करेंगे. हम मार्गदर्शन करेंगे. हमारी बड़ी जिम्मेदारी है. जो राज्य को ठीक लगे, वह उसे लागू करे. देश और दुनिया के एक्सपर्ट की राय लेंगे. दूसरे देशों के अच्छे सुझाव को अपनाने की कोशिश करेंगे.
लोकसभा स्पीकर ने कहा, देश के अंदर सारे मुद्दों पर चर्चा हो. स्पीकर यही करता है जिस पर दोनो पक्षों की सहमति हो. बिजनेस अडवाइजरी कमेटी जो तय करती है उसी के मुताबिक चर्चा होती है. दल बदल कानून में पीठासीन अधिकारियों को असीमित अधिकार है. इस पर बात हो रही है अधिकार कम करने की. अगर इस बारे में सहमति बन जाती है तो कर देंगे. डिप्टी स्पीकर चुनने का फैसला सरकार होता है, वो मोशन पास करती है. उन्होंने कहा कि सदन सबकी सहमति से चलता है.नए संसद के निर्माण को लेकर कहा कि हम पहले 17 दिन पीछे थे.यह भवन वक्त पर तैयार होगा. इसके लिए बाकायदा मॉनिटर हो रहा है.
पंडित नेहरू की जयंती बाल दिवस के कार्यक्रम में स्पीकर,राज्ससभा के सभापति और मंत्रियों की गैरमौजूदगी के मुद्दे परबिरला ने कहा, 'जब रहता हूं तब मैं भी वहां जाता हूं.कई बार कई नेता भी नहीं आते हैं. सवाल उठाते खासकर ट्वीट करते वक्त ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी मेरी नही है . प्रदूषण की वजह से नए संसद भवन के कामकाज बंद होने को लेकर लोकसभा स्पीकर ने कहा,, 'जो भी नियम प्रक्रिया है, वहसबके लिए एक है. संसद में भवन निर्माण का काम बंद होगा यह अभी पता नहीं. अभी हम कानून देखेंगे. काम होते समय हमने कहा है कि दिल्ली के प्रदूषण के मापदंड को मानेंगे.
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