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This Article is From Jun 30, 2011

दंगे के दस्तावेज नष्ट होने पर मोदी की आलोचना

कांग्रेस ने कहा कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2002 में राज्य में हुए दंगों से जुड़े खुफिया अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट कर दिया है।
नई दिल्ली: कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2002 में राज्य में हुए दंगों से जुड़े खुफिया अभिलेखों को जानबूझकर नष्ट कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "यह आश्चर्यजनक है कि कत्लेआम से जुड़े ऐसे अहम दस्तावेज जो शक की सूई सीधे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते थे, उन्हें नष्ट कर दिया गया।" उन्होंने कहा, "दस्तावेजों को नष्ट करा दिया गया..यह एक आपराधिक साजिश के सिवाय कुछ भी नहीं है। ऐसा इसलिए कराया गया ताकि सच्चाई सामने न आए।" इस कृत्य को एक 'आपराधिक साजिश' करार देते हुए तिवारी ने कहा, "जब एक मामले की जांच चल रही हो और उस समय हुईं घटनाओं के सम्बंध में ये अभिलेख महत्वपूर्ण होते..वे गायब हो गए हैं।" तिवारी ने कहा, "ऐसे दस्तावेज यदि गायब हो जाते हैं अथवा राज्य सरकार की ओर से जानबूझकर नष्ट किए जाते हैं तो इससे यह बात साफ जाहिर होती है कि राज्य सरकार इस पूरे कत्लेआम में अपनी भूमिका छिपाने की कोशिश कर रही है।" गुजरात सरकार के वरिष्ठ वकील एस.बी. वकील ने बुधवार को खुलासा किया कि वर्ष 2002 की साम्प्रदायिक हिंसा से जुड़े राज्य खुफिया एजेंसी के अभिलेख वर्ष 2007 में नष्ट कर दिए गए।
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