दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने ग्रेटर नोएडा में अपने घर का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी 52 साल का बृज भूषण गुप्ता अपनी कंपनी का निदेशक भी खुद था. पहले वह ग्रेटर नोएडा में बिल्डर का काम करता था, बाद में कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर उसने फ्लैट बनाकर लोगों को 36 महीने में देने का वादा किया था. आरोपी ने करीब 103 करोड़ रुपये जुटाए और बाद में फरार हो गया. टीम ने आरोपी को हरियाणा के पंचकूला से दबोचा है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
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आर्थिक अपराध शाखा के जॉइंट कमिश्नर ओपी मिश्रा ने सोमवार को बताया कि बीती साल 2018 में इस संबंध में राजेश गुप्ता के अलावा दो अन्य लोगों ने शिकायत की थी. इसमें कहा गया था कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर चाई-4, में एचजी-06ए में फ्लैट बनाकर देने का वादा किया गया था. बिल्डर बृज भूषण गुप्ता ने वादा किया था कि प्रोजेक्ट मात्र 36 महीने में तैयार हो जाएगा, उसके बाद सभी को फ्लैट सौंप दिए जाएंगे. हैरानी की बात यह है कि साल 2012 में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट के लिए न तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से और न ही किसी अन्य सरकारी एजेंसी से अनुमति ली गई थी. बावजूद इसके फ्लैट बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी. संयुक्त आयुक्त ने बताया कि आगे की छाबनीन में पता चला कि 438 लोगों से करीब 103 करोड़ रुपये का निवेश करवाया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
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आगे की जांच-पड़ताल में पता चला कि बृजभूषण ने वादा किया था कि यहां पर 754 फ्लैट्स बनाए जाएंगे. मौके पर पहुंचने पर पता चला कि केवल 30 फीसदी ही कार्य पूरा हुआ है. बाद में फ्लैट खरीदने वाले करीब 70 फीसदी लोगों ने संपर्क साधा. बृजभूषण की जब तलाश शुरू की गई, तो पता चला कि वह फरार चल रहा है. आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने राजस्थान, हरियाणा, चंडगढ़ के अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी छापामारी की और आखिरकार कर पंचकूला, हरियाणा से रविवार को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने इस प्रोजेक्ट के नाम से जुटाए गए रुपये को किसी अन्य प्रोजेक्ट में लगाया और साथ ही अपने रिश्तदारों के भी दिए.
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