अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा
बंगाल (Bengal)के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ न बीजेपी नेता अमित शाह (Amit Shah) ने आज एक प्रेस कान्फ्रेंस में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा. शाह ने कहा कि कम्युनिस्ट शासन से त्रस्त होकर लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ ममता बनर्जी के हाथों में बंगाल की कमान दी थी लेकिन आज मां, माटी और मानुष का नारा तुष्टिकरण, तानाशाही और टोलबाजी में परिवर्तित हो गया है.उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर सकी है. उन्होंने कहा कि हमें एक मौका दीजिए हम 'सोनार बांग्ला' देंगे. हम बंगाल को सुरक्षित बनाएंगे.
बंगाल में अमित शाह ने जिस मूर्ति पर चढ़ाए फूल, उस पर छिड़ा विवाद
शाह ने दावा किया कि बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटों के साथ बंगाल में सरकार बनाने जा रही है. बंगाल में तृणमूल का शासन खत्म होने जा रहा है. यह मोदी जी के शासन के प्रति लोगों का विश्वास है.शाह ने कहा, 'मैं बंगाल के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं. आपने कांग्रेस, लेफट और टीएमसी को मौका दिया है, हमें एक मौका दीजिए, हम इसे 'अपनार बांग्ला' (apnar bangla) बनाएंगे. हम बंगाल को सुरक्षित बनाएंगे.'उन्होंने कहा कि ममता का केवल एक उद्देश्य है अपने भतीजे को अगला सीएम बनाया, क्या बंगाल वंशवादी शासन चाहता है? उन्होंने कहा कि मैं ममता दीदी से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं, आखिरकार 2018 से नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) को अपराध के आंकड़े क्यों नहीं दिए गए. आप क्या छुपाने की कोशिश कर रही हैं? राजनीतिक हत्याओं के मामले में बंगाल सबसे खराब स्थिति में है. पिछले ढाई वर्षों में 100 से अधिक बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, आप इस मामले में श्वेत पत्र क्यों नहीं लाते? राज्य में घुसपैठ जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसी अहम योजनाओं का सबसे खराब क्रियान्वयन बंगाल में हुआ.
तुष्टिकरण की राजनीति ने छीन लिया बंगाल का गौरव, पुनर्स्थापना की जरूरत: अमित शाह
इससे पहले अपने दो दिनी दौरे के अंमिम दिन अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण की राजनीति ने राष्ट्र की आध्यात्मिक चेतना को बनाए रखने की अपनी पुरानी परंपरा को चोट पहुंचाई है. उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण ने पश्चिम बंगाल का गौरव भी छीन लिया है. उन्होंने इसे फिर से बहाल करने और वापस लाने पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद की भूमि रही है, जिन्होंने देश ही नहीं, पूरी दुनिया को आलोकित किया है. उन्होंने कहा कि अतीत काल में पश्चिम बंगाल पूरे देश में आध्यात्मिक जागृति का केंद्र था लेकिन आज बदहाल है.