
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कोविड-19 संकट समाप्त करने के लिये जी-20 देशों से और प्रयास किये जाने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि इस दिशा में सस्ती दर पर और सभी तक टीके की पहुंच आसान बनाना महत्वपूर्ण कदम है. वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये आयोजित जी-20 देशों वित्त मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही. विकसित और विकासशील देशों के समूह की यह बैठक वैश्विक आर्थिक परिदृश्य , कोविड-19 संकट के जोखिम को कम करने तथा संकट के दौरान शुरू की गयी सामूहिक वैश्विक कार्यवाही को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा के लिये हुई.
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘वित्त मंत्री ने संकट को समाप्त करने के लिये जी-20 सदस्य देशों से और प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने इस दिशा में सस्ती दर पर और सभी तक टीके की आसान पहुंच को महत्वपूर्ण कदम बताया.''
सीतारमण ने जी-20 कार्य योजना को समूह की आर्थिक प्रतिक्रिया का मुख्य आधार बताया. उन्होंने कहा कि यह न केवल हमारे द्वारा उठाये जा रहे कदमों को समन्वित कर रहा है बल्कि हमारे दीर्घकालीन पुनरूद्धार प्रयासों के लिये भी दिशानिर्देश उपलब्ध कराता है.जी-20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों ने अप्रैल में कोविड-19 महामारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया के लिये कार्य योजना प्रकाशित की थी.
कार्य योजना में स्वास्थ्य, आर्थिक और वित्तीय कदम शामिल हैं जिस पर जी-20 सदस्य देशों ने सहमति जतायी है. साथ ही इसमें वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत और टिकाऊ बनाने को लेकर उपायों का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा इसमें जरूरतमंद देशों को मदद देने तथा मौजूदा संकट से सीख लेते हुए भविष्य में आने वाली समस्याओं से निपटने के उपायों की बात कही गयी है.सीतारमण ने कहा कि सऊदी अरब की अध्यक्षता में जी-20 की एक महतवपूर्ण उपलब्धि ‘कर्ज सेवा निलंबन पहल' है. उन्होंने कहा कि इसे हकीकत रूप देने के लिये सभी जी-20 सदस्य देशों को संयुक्त रूप से समन्वित प्रयास करने की जरूरत है.
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