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This Article is From Dec 11, 2020

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फूड कमिश्नर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अवधि बढ़ाने की मांग की

अभी देश में प्रति व्यक्ति जरूरतमंद लोगों को महीने में 5 किलो अनाज दिया जाता है जो उसकी जरूरत का सिर्फ एक तिहाई है. प्रति व्यक्ति महीने में 15 किलो अनाज देना जरूरी है लेकिन हम सिर्फ 5 किलो देते हैं . 

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फूड कमिश्नर ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अवधि बढ़ाने की मांग की
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फूड कमिश्नर (Former Supreme Court Food Commissioner) एनसी सक्सेना (NC Saxena) ने एनडीटीवी से कहा है कि कोरोना संकट के दौरान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के तहत प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अनाज दिया गया ... इसकी अवधि और बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसे कम से कम 1 साल तक जारी रखना चाहिए, जिससे कि गरीबों तक जरूरत का अनाज पहुंच सके. इसके साथ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व कमिश्नर ने कहा कि इसे हमेशा के लिए अगर 5 किलो से बढ़ाकर प्रति व्यक्ति प्रति महीना 10 किलो कर दिया जाए तो बहुत अच्छा होगा.

देश में फूड सब्सिडी बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि जो अनाज किसानों से  खरीदते हैं वह पिछले कुछ साल में 15  रु.किलो से बढ़कर 30 रु. किलो हो गया है. लेकिन खाद्य सुरक्षा कानून के तहत जो अनाज जरूरतमंद लोगों को दिया जाता है उसका रेट अब भी 2 रु.किलो गेहूं और 3 रु. किलो चावल ही है. 

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इसके बीच में डिफरेंस बढ़ता जा रहा है इसलिए फूड सब्सिडी बढ़ रही है लेकिन गरीबों तक प्रति व्यक्ति जितना अनाज पहुंचता है उसमें पिछले 7 साल में कोई बदलाव नहीं आया है, उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है 

अभी देश में प्रति व्यक्ति जरूरतमंद लोगों को महीने में 5 किलो अनाज दिया जाता है जो उसकी जरूरत का सिर्फ एक तिहाई है. प्रति व्यक्ति महीने में 15 किलो अनाज देना जरूरी है लेकिन हम सिर्फ 5 किलो देते हैं . 

इस वजह से गरीब लोगों को जरूरत का कुछ अनाज बाजार से खरीदना पड़ता है मार्केट रेट पर  करीब 95 मिलियन टन अनाज एफसीआई के गोडाउन में पड़ा है ... प्रति व्यक्ति 5 किलो से ज्यादा अनाज को बांटने से सरकार का स्टॉकिंग का खर्च भी कम होगा और गरीबों तक ज्यादा अनाज भी पहुंच सकेगा 

देश में अनाज पर्याप्त है लेकिन अतिरिक्त अनाज गरीबों तक पहुंचाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है. बता दें कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज देने की स्कीम को 30 नवंबर तक बढ़ाया गया था.   

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