
श्रीनगर:
जम्मू एंव कश्मीर में मंत्री पद संभाल चुके नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने शनिवार को कहा कि कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा आयोजित रैलियों में पाकिस्तान का झंडा लहराना कोई नई बात नहीं है और पहले भी यह हो चुका है।
राज्य सरकार की नई भर्ती नीति के विरोध में आयोजित एक रैली में सागर ने कहा, 'यहां कुछ लोग पाकिस्तान के समर्थक हैं, कुछ आजादी के और कुछ भारत के समर्थक। यह सब चलता रहता है। हालांकि यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो इस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का काम है।'
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी अलगाववादी धड़े के नेता मसर्रत आलम द्वारा 15 अप्रैल को श्रीनगर में आयोजित रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए थे और पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए गए थे। इसके बाद मसर्रत को 17 अप्रैल को देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
राज्य में उमर अब्दुल्ला की पूर्ववर्ती सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे सागर ने कश्मीरी पंडितों के मामले पर कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 3,000 कश्मीरी पंडितों को विभिन्न रोजगार योजनाओं के तहत कश्मीर में फिर से बसाया गया।
सागर ने हाल ही में सरकार द्वारा कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाए जाने के प्रस्ताव पर कहा, 'हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं और उन्हें (कश्मीरी पंडितों) अपने पैतृक धरती पर लौटने का पूरा अधिकार है। लेकिन हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अलग बस्ती बसाने वाले एजेंडा का विरोध करते हैं।'
राज्य सरकार की नई भर्ती नीति के विरोध में आयोजित एक रैली में सागर ने कहा, 'यहां कुछ लोग पाकिस्तान के समर्थक हैं, कुछ आजादी के और कुछ भारत के समर्थक। यह सब चलता रहता है। हालांकि यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो इस पर कार्रवाई करना राज्य सरकार का काम है।'
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी अलगाववादी धड़े के नेता मसर्रत आलम द्वारा 15 अप्रैल को श्रीनगर में आयोजित रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराए गए थे और पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए गए थे। इसके बाद मसर्रत को 17 अप्रैल को देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
राज्य में उमर अब्दुल्ला की पूर्ववर्ती सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री रहे सागर ने कश्मीरी पंडितों के मामले पर कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में 3,000 कश्मीरी पंडितों को विभिन्न रोजगार योजनाओं के तहत कश्मीर में फिर से बसाया गया।
सागर ने हाल ही में सरकार द्वारा कश्मीर घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशिप बनाए जाने के प्रस्ताव पर कहा, 'हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं और उन्हें (कश्मीरी पंडितों) अपने पैतृक धरती पर लौटने का पूरा अधिकार है। लेकिन हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अलग बस्ती बसाने वाले एजेंडा का विरोध करते हैं।'
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