
वित्तमंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
भारत में कम से कम 10 करोड़ रुपये तक का निवेश लाने वाले विदेशी निवेशकों को अब निवासी का दर्जा दिया जा सकता है जिससे वह देश में मकान खरीद सकेंगे और उनके लिए वीजा व्यवस्था उदार की जाएगी. उनके परिवार के सदस्यों को नौकरी का अवसर और अन्य सहूलियतें दी जाएंगी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अधिक विदेशी कोष आकर्षित करने के मकसद से एक नई नीति को मंजूरी दी है, जिसमें विदेशी निवेशकों के लिए ये लाभ शामिल किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘‘यदि भारत में आप एक न्यूनतम स्तर का निवेश करते हैं, तो आपको वीजा उपलब्ध होगा साथ ही संपत्ति खरीदने का अधिकार मिलेगा, परिवार के सदस्यों को नौकरी का अवसर मिलेगा. इस बारे में एक विस्तृत नीति को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है.’’
इस योजना से भारत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सुगमता से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. योजना के तहत वीजा मैनुअल में उचित प्रावधान शामिल किए जाएंगे जिससे विदेशी निवेशक को स्थायी निवासी का दर्जा प्रदान किया जा सके.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बहु प्रवेश के साथ स्थायी निवासी का दर्जा दस साल के लिए दिया जाएगा. यदि ऐसे व्यक्ति के खिलाफ किसी तरह का प्रतिकूल नोटिस नहीं होता है, तो इसकी अवधि दस साल और बढ़ाई जा सकती है. यह योजना सिर्फ उन विदेशी निवेशकों के लिए होगी जो तय पात्रता शर्तें पूरी करेंगे.
बयान में कहा गया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए विदेशी निवेशक को कम से कम 10 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जिसे 18 महीने में लाना होगा. या फिर 25 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जिसे 36 महीनों में लाना होगा. इसके अलावा विदेशी निवेश से प्रत्येक वित्त वर्ष में 20 निवासी भारतीयों को रोजगार मिलना चाहिए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अधिक विदेशी कोष आकर्षित करने के मकसद से एक नई नीति को मंजूरी दी है, जिसमें विदेशी निवेशकों के लिए ये लाभ शामिल किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘‘यदि भारत में आप एक न्यूनतम स्तर का निवेश करते हैं, तो आपको वीजा उपलब्ध होगा साथ ही संपत्ति खरीदने का अधिकार मिलेगा, परिवार के सदस्यों को नौकरी का अवसर मिलेगा. इस बारे में एक विस्तृत नीति को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है.’’
इस योजना से भारत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सुगमता से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. योजना के तहत वीजा मैनुअल में उचित प्रावधान शामिल किए जाएंगे जिससे विदेशी निवेशक को स्थायी निवासी का दर्जा प्रदान किया जा सके.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बहु प्रवेश के साथ स्थायी निवासी का दर्जा दस साल के लिए दिया जाएगा. यदि ऐसे व्यक्ति के खिलाफ किसी तरह का प्रतिकूल नोटिस नहीं होता है, तो इसकी अवधि दस साल और बढ़ाई जा सकती है. यह योजना सिर्फ उन विदेशी निवेशकों के लिए होगी जो तय पात्रता शर्तें पूरी करेंगे.
बयान में कहा गया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए विदेशी निवेशक को कम से कम 10 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जिसे 18 महीने में लाना होगा. या फिर 25 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जिसे 36 महीनों में लाना होगा. इसके अलावा विदेशी निवेश से प्रत्येक वित्त वर्ष में 20 निवासी भारतीयों को रोजगार मिलना चाहिए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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