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This Article is From Dec 04, 2020

Farmers Protest: आंदोलनरत किसानों के लिए कौन कर रहा पानी, दूध, सब्जियों आदि का इंतजाम?

राजमार्ग पर इस तरह के बड़े ट्रक खड़े हैं जिनको इस आंदोलन के चलते व्‍यवस्‍था के लिए तैयार किया गया.ट्रक ही नहीं, ट्रालियों में पानी की बड़ी टंकियां कहीं लगा दी गई हैं. सोलर पैनल लगाकर दर्जनों मोबाइल चार्जिंग के प्वाइंट बना दिए गए है..

Farmers Protest: आंदोलनरत किसानों के लिए कौन कर रहा पानी, दूध, सब्जियों आदि का इंतजाम?
किसान आंदोलन के चलते हजारों की संख्‍या में किसान दिल्‍ली में जमा हैं
नई दिल्ली:

Farmers Protest: कृषि कानून (Farm law) के खिलाफ हजारों किसानों ने दिल्ली बार्डर पर डेरा डाल रखा है. आंदोलन कर रहे हजारों किसानों के लिए व्‍यवस्‍था किस तरह से की जा रही है, इन्‍हें खुराक कहां से मिल रही है और इनकी सप्लाई लाइन कहां से चल रही है, इस बारे में NDTV के संवाददाता रवीश रंजन शुक्ला के आंदोलन स्‍थल का दौरा करके हकीकत जानी. दिल्ली-बहादुरगढ़ की सड़क को पुलिस ने बड़े गाल्डर और तार की फेंसिंग लगाकर बंद कर दिया है. इसी के चलते हम पैदल ही रोहतक-दिल्ली राजमार्ग की ओर चल पड़े.करीब एक किमी चलने के बाद इस राजमार्ग पर दोनों तरफ हजारों की तादात में किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी नजर आईं. राजमार्ग पर इस तरह के बड़े ट्रक खड़े हैं जिनको इस आंदोलन के चलते व्‍यवस्‍था के लिए तैयार किया गया.इस आंदोलन के चलते ट्रक ही नहीं, ट्रालियों में पानी की बड़ी टंकियां कहीं लगा दी गई हैं. यही नहीं, कहीं-कहीं सोलर पैनल लगाकर दर्जनों मोबाइल चार्जिंग के प्वाइंट बना दिए गए है..

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हिसार के जीतेंद्र सिंह कहते हैं, 'हमने देखा कि किसान भाइयों को तकलीफ हो रही है तो सोलर पैनल को मॉडिफाई करके चार्जिंग प्‍वांइट बना दिया है. किसानों के लिए टॉयलेट से लेकर खाने-पीने का इंतजाम करने में बहादुरगढ़ के 26 साल के बिजनेसमैन सिद्धार्थ राठी का बहुत योगदान है.राठी का परिवार USA में रहता है लेकिन वो खुद किसानों के रहने खाने पर करोड़ों रुपए खर्च कर रहे हैं. बहादुरगढ़ के ट्रांसपोर्टर राठी कहते हैं, 'किसानों की सेवा के लिए हम लोगों ने यहां लंगर लगाए हैं. पंजाब के किसानों की मदद के लिए हम आए हैं. पैसा चाहे जितना खर्च हो, लंगर चलता रहेगा.' आंदोलन करने वाले किसानों को सब्जी और राशन के अलावा, फ्री दूध का इंतजाम भी पड़ोसी जिले भिवानी के मनोज जैसे किसान कर रहे हैं..हर दिन दो हजार दूध के पैकेट फ्री बांटते हैं. मनोज कहते हैं, 'पंजाब के क्सान अपने भाई हैं इसलिए दूध और सब्जी फ्री बांटते हैं.

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.आंदोलन की सबसे खास बात ये है कि इस फ्री के दूध को पाने के लिए यहां भगदड़ नहीं मचती. जिसे जितनी जरूरत होता है वह उतना ही लेता है. दिल्ली बार्डर पर आंदोलन कर रहे हजारों किसान अनुशासित है..पानी से लेकर खाने तक. कृषि बिल के विरोध में लगता है कि वे लंबी लड़ाई का मन बनाकर ही दिल्‍ली आए हैं...

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