मध्यप्रदेश में बड़ी गड़बड़ी, कोरोना वैक्सीन लेने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों का एक ही मोबाइल नंबर

जनवरी में देश की तरह, मध्यप्रदेश में पहली वैक्सीन लगाने के लिये वैक्सीनोत्सव जैसा आयोजन हो गया, लेकिन उसके बाद टीकाकरण अभियान की 11 फरवरी को बनी एनएचएम की रिपोर्ट में पता लगा कि राज्य में टीका लगवाने वाले 1,37,454 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड एक जैसा पाया गया है.

मध्यप्रदेश में बड़ी गड़बड़ी, कोरोना वैक्सीन लेने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों का एक ही मोबाइल नंबर

राज्य में टीका लगवाने वाले 1,37,454 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड एक जैसा पाया गया

भोपाल:

कोरोना वायरस (Coronavirus) से निपटने के दावों के बीच मध्यप्रदेश में टीका लगाने में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. टेस्ट कराने वाले हजारों लोगों के पते तो फर्जी मिले ही हैं, कोरोना टीकाकरण (Coronavirus Vaccination) के लिए बने कोविड पोर्टल पर हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्कर्स के हजारों नाम एक मोबाइल नंबर पर दर्ज हैं. नतीजतन कई लोगों को दूसरे डोज की जानकारी ही नहीं मिल पाई. जनवरी में देश की तरह, मध्यप्रदेश में पहली वैक्सीन लगाने के लिये वैक्सीनोत्सव जैसा आयोजन हो गया, लेकिन उसके बाद टीकाकरण अभियान की 11 फरवरी को बनी एनएचएम की रिपोर्ट में पता लगा कि राज्य में टीका लगवाने वाले 1,37,454 कर्मचारियों के मोबाइल नंबर का रिकॉर्ड एक जैसा पाया गया है. इनमें 83598 स्वास्थ्यकर्मी, नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के 32422, राजस्व विभाग के 6977, गृह विभाग के 7338 और पंचायती राज विभाग के 119 कर्मचारियों के एक जैसे मोबाइल नंबर मिले हैं. जिलों में इंदौर में 17644, जबलपुर में 11703, भोपाल में 8349 मोबाइल नंबर एक समान पाए गए हैं.

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राजेश परमार स्वच्छता प्रभारी हैं, इनके फोन नंबर पर 7 लोगों के नाम दर्ज हैं, इन्हें पहला डोज लग चुका है. ये स्वच्छता प्रभारी हैं, इनके नंबर पर जिनके नाम दर्ज हैं उन्हें अब 17 तारीख को वैक्सीन का पहला डोज लगेगा. बसंत आगर नगर पालिका में सैनिटेशन इंस्पेक्टर हैं, इनके नंबर पर भी 8 लोगों के नाम दर्ज हैं, उनका कहना है कि कई सफाईकर्मी ऐसे हैं जिनके पास मोबाइल नहीं थे इसलिये उनके नाम के आगे बसंत का ही नंबर लिखा गया. अब दिक्कत ये है कि इसकी वजह से जिसका नंबर दर्ज था उसने मैसेज आने पर टीका लगवा लिया. लेकिन, दूसरे हेल्थ वर्कर टीका लगवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे.

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हालांकि गलती बताने पर भी मंत्रीजी को लगता है रजिस्ट्रेशन सही हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा रजिस्ट्रेशन सही हो रहा है कहीं कोई गलती हुई है तो हम जांच करवा लेंगे. कांग्रेस को लगता है ये बड़ी लापरवाही है, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री  पीसी शर्मा ने कहा, 'टेस्ट के मामले में, वैक्सीन के मामले में ढिलाई चल रही है, नाम-पते सब फर्जी नोट हैं, मध्यप्रदेश में एक लाख से ज्यादा एक नंबर पर ही नोट करवा दिया. मैं समझता हूं एक तरह से खिलवाड़ चल रहा है पूरे कोरोना को लेकर.'

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सिर्फ फोन नंबर ही नहीं, 17 जिलों के 9280 फ्रंटलाइन वर्कर के पोस्टल कोड भी गलत भरे गये हैं, सबसे ज्यादा गलत पिनकोड 4524 कर्मचारियों के कोविड रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर गृहमंत्री के दतिया में दर्ज किए गए हैं. राज्य में पहले चरण में  लगभग 7,34,000 लोगों को टीका लगना है.

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