कश्मीर में खूंखार लश्कर आतंक सलीम पारे मारा गया, कई बेकसूर नागरिकों की हत्या में था शामिल

सलीम पारे 2016 से ही आतंकी गतिविधियों में लिप्त था. वो कई निर्दोष नागरिकों की हत्या में शामिल था, इसमें 2018 में बशीर अहमद डार औऱ उसके भाई गुलाम हसन डार की हत्या शामिल है. वो हिलाल अहमद पारे की हत्या में भी आरोपी था.

कश्मीर में खूंखार लश्कर आतंक सलीम पारे मारा गया, कई बेकसूर नागरिकों की हत्या में था शामिल

लश्कर ए तैयबा आतंकी सलीम पारे कई आतंकी घटनाओं में लिप्त था

श्रीनगर:

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को सोमवार एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी. सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा (Lashkar-e-Toiba ) के खूंखार आतंकी सलीम पारे समेत दो आतंकवादियों को मार गिराया. सलीम पारेपिछले कुछ सालों में लगातार आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था. जम्मू-कश्मीर में कई बेकसूर नागरिकों की हत्या में भी वो शामिल था. कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने कहा कि श्रीनगर के हरवान इलाके में सुरक्षा बलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए.इनमें प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के कुख्यात आतंकवादी सलीम पारे (Salim Parray) को श्रीनगर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पास के गासू गांव में सुरक्षा बलों एवं आतंकवादियों के बीच एक और मुठभेड़ हो गई. इसमें भी एक आतंकी मारा गया. 

उरी में पकड़ा गया 19 साल का लश्कर आतंकी बाबर, J&K में आर्मी ने 7 दिन में 7 दहशतगर्दों को किया ढेर

पारे 2016 से ही आतंकी गतिविधियों में लिप्त था. वो कई निर्दोष नागरिकों की हत्या में शामिल था, इसमें 2018 में बशीर अहमद डार औऱ उसके भाई गुलाम हसन डार की हत्या शामिल है. वो हिलाल अहमद पारे की हत्या में भी आरोपी था. अधिकारियों ने कहा कि सलीम पारे हाजिन इलाके में कई नागरिकों की गला रेत कर की गई हत्या में भी शामिल था.

वो आतंकियों को आतंकी हमलों के लिए हथियार औऱ अन्य तरह की मदद मुहैया कराने का काम भी करता था. ये पाकिस्तानी आतंकी बांदीपोरा की गुलशन चौक में दो पुलिसकर्मियों की हत्या में भी शामिल था. इस हत्याकांड के बाद वो हरवान भाग गया था. वो हाजिन में एक सीआरपीएफ कर्मी की हत्या में भी वांछित था. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


उल्लेखनीय है कि सुरक्षाबलों ने आतंकियों की टॉप टारगेट लिस्ट तैयार की है और इनमें शीर्ष आतंकियों को ढेर करना उनकी पहली प्राथमिकता रहती है. पिछले साल जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों के अभियान में ऐसे ही कई टॉप टेररिस्ट को ढेर किया गया है.