
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने के समर्थन में मंगलवार को कहा कि अन्य पार्टियों के तालमेल के साथ जेडीयू इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली सचिवालय में नीतीश ने मुलाकात की। नीतीश ने केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को वोट दिया है और उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे।
उन्होंने कहा, 'दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। लोगों ने एक सरकार बनाने के लिए काफी उत्साह के साथ वोट डाला था, लोग उन्हें जानते हैं जिन्हें उन्होंने अपना वोट दिया है।' नीतीश ने दिल्ली सचिवालय में केजरीवाल से अपनी मुलाकात के बाद कहा, 'वे (लोग) सोचते हैं कि कानून व्यवस्था से लेकर अपराध और पुलिस तक सरकार के नियंत्रण में है। दिल्ली में पुलिस राज्य सरकार के तहत नहीं आती।'
उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह है, इसलिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास विभागीय सचिवों को चुनने की शक्ति होनी चाहिए। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लोगों का पूर्ण समर्थन है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में यह मुद्दा उठाएगी और अन्य पार्टियों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। बिहार पुलिस के कर्मियों को दिल्ली भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो में शामिल करने को लेकर भी नीतीश ने केजरीवाल का शुक्रिया अदा किया।
बिहार चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बैठक मायने रखती है, क्योंकि दोनों ही नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी हैं। आप ने बिहार में बीजेपी के खिलाफ प्रचार और अपने उम्मीदवार नहीं उतारने के जरिए नीतीश का समर्थन करने का फैसला किया है।
आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो अरविंद केजरीवाल भी इसके लिए उतर सकते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली सचिवालय में नीतीश ने मुलाकात की। नीतीश ने केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल को वोट दिया है और उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे।
उन्होंने कहा, 'दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। लोगों ने एक सरकार बनाने के लिए काफी उत्साह के साथ वोट डाला था, लोग उन्हें जानते हैं जिन्हें उन्होंने अपना वोट दिया है।' नीतीश ने दिल्ली सचिवालय में केजरीवाल से अपनी मुलाकात के बाद कहा, 'वे (लोग) सोचते हैं कि कानून व्यवस्था से लेकर अपराध और पुलिस तक सरकार के नियंत्रण में है। दिल्ली में पुलिस राज्य सरकार के तहत नहीं आती।'
उन्होंने कहा कि चूंकि सरकार लोगों के प्रति जवाबदेह है, इसलिए मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास विभागीय सचिवों को चुनने की शक्ति होनी चाहिए। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लोगों का पूर्ण समर्थन है।
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी संसद में यह मुद्दा उठाएगी और अन्य पार्टियों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। बिहार पुलिस के कर्मियों को दिल्ली भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो में शामिल करने को लेकर भी नीतीश ने केजरीवाल का शुक्रिया अदा किया।
बिहार चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बैठक मायने रखती है, क्योंकि दोनों ही नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के धुर विरोधी हैं। आप ने बिहार में बीजेपी के खिलाफ प्रचार और अपने उम्मीदवार नहीं उतारने के जरिए नीतीश का समर्थन करने का फैसला किया है।
आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो अरविंद केजरीवाल भी इसके लिए उतर सकते हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
नीतीश कुमार, बिहार विधानसभा चुनाव 2015, बिहार चुनाव 2015, जेडीयू, बीजेपी, आप, आप पार्टी, अरविंद केजरीवाल, Nitish Kumar, Bihar Assembly Election 2015, Bihar Election 2015, JDU, BJP, AAP Party, Arvind Kejirwal