Delhi-Mumbai Prep. for Vaccine : दिल्ली और मुंबई कोविड टीकाकरण अभियान के लिए कमर कस रहे हैं - प्राथमिकता वाले समूहों की सूची बनाने से लेकर कोल्ड स्टोरेज इकाइयों (Cold Storage Units) की स्थापना तक. सूत्रों ने कहा है कि दिल्ली सरकार लगभग दो लाख सरकारी और निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य कर्मचारियों की सूची भेज रही है, जिन्हें पहले चरण में टीका लगाया जाएगा. इनमें मेडिकल, पैरामेडिकल, स्वच्छता, सुरक्षा और एलोपैथिक, दंत चिकित्सा और आयुष सुविधाओं के मंत्रालय के प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं.
इनके अलावा डायग्नोस्टिक लैब्स रेडियोलॉजी केंद्रों और फिजियोथेरेपी क्लीनिकों के स्टाफ सदस्यों को भी शामिल किया गया है. दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एलएनजेपी से लगभग 4,000 नाम भेजे गए हैं, जिनमें डॉक्टरों से लेकर सुरक्षा गार्ड तक शामिल हैं.
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एलएनजेपी में मेडिकल डायरेक्टर डॉ सुरेश कुमार ने एनडीटीवी को बताया, "पिछले 3 हफ्तों में हमने डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और अस्पताल के कर्मचारियों की सूची सरकार को भेजी है. हम उन सभी को टीका लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. स्वच्छता कार्यकर्ता, ओटी तकनीशियन और यहां तक कि सुरक्षा गार्ड भी इस सूची में हैं. कुल 3,960 नाम भेजे गए हैं, "
राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में एक तीन मंजिला इमारत को वैक्सीन डोज के लिए राष्ट्रीय राजधानी के प्राथमिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा के रूप में तैयार किया जा रहा है. यहां से, उन्हें पूरे शहर में 600 कोल्ड स्टोरेज पॉइंट्स पर ले जाया जाएगा.
राजीव गांधी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ बीएल शेरवाल ने एनडीटीवी को बताया, "अभी इलेक्ट्रिकल और सिविल वर्क किया जा रहा है. कंस्ट्रक्शन का काम जारी है. यहां के गलियारे और दरवाजों को चौड़ा किया जा रहा है, ताकि बड़े डीप फ़्रीज़र्स को कमरों में लाया जा सके. सेंट्रलाइज़ एयर कंडीशनिंग बनाने के लिए इलेक्ट्रिकल वर्क किया जा रहा है."
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अमेरिकी फार्मा दिग्गज Pfizer द्वारा विकसित कोविड वैक्सीन को -70 डिग्री सेल्सियस पर स्टोरेज की आवश्यकता है. वहीं एस्ट्राज़ेनेका और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा किए गए टीके के लिए दो और आठ डिग्री सेल्सियस के बीच एक तापमान सीमा की आवश्यकता होती है.
डॉ शेरवाल ने विस्तार से बताते हुए कहा, "हम वर्तमान में सभी तरह के फ्रीज़र को रखने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि विभिन्न टीकों को अलग-अलग तापमानों की आवश्यकता होती है.. केंद्र सरकार इन फ्रीज़रों की आपूर्ति राज्य सरकार को करेगी और हम आने वाले हफ्तों में इन्हें प्राप्त करेंगे. "
इस बीच, मुंबई में लगभग 1.25 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है. बीएमसी (मुंबई नगर निगम) ने टीकाकरण की देखरेख के लिए दस सदस्यीय टास्क फोर्स बनाई है, और लगभग 3,000 कर्मियों को वैक्सीन ट्रांसपोर्टेशन को संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है.
प्रारंभिक चरण में, किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) और सायन, नायर और कूपर अस्पतालों को भंडारण और टीकाकरण के लिए चुना गया है. रेफ्रिजरेटर, बर्फ के बक्से और विशेष कूलर का आदेश दिया जा रहा है, जिसमें 60 लाख शीशियों की भंडारण क्षमता है, जो अब के लिए लक्ष्य के रूप में निर्धारित है. जैसा कि दिल्ली में, अस्पताल (सरकारी और निजी) वैक्सीन को स्टोर करने के लिए तैयार किए जाते हैं जिन्हें अलग-अलग तापमान पर स्टोर करने की आवश्यकता होती है.
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एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर और वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख सुरेश काकानी ने एनडीटीवी को बताया, "बीएमसी के चार मेडिकल कॉलेजों में उचित भंडारण की सुविधा उपलब्ध है. हम दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्टोर कर सकते हैं. यदि बड़ी मात्रा में टीके उपलब्ध हैं, तो कांजुरमार्ग में एक इमारत तैयार है." उन्होंने कहा, "-15 और -25 डिग्री सेल्सियस के बीच भी तापमान बनाए रखने की सुविधा होगी, ताकि हम किसी भी प्रकार के टीके को स्टोर कर सकें."
फोर्टिस अस्पताल की सेंट्रल ब्लड ट्रांसफ्यूजन कमेटी के अध्यक्ष डॉ एसएल जैन ने एनडीटीवी को बताया, "हमारे पास रेफ्रिजरेटर, डीप फ़्रीज़र्स हैं जिनका तापमान शून्य से 85 डिग्री सेल्सियस (चूंकि प्लाज्मा घटकों को उस तापमान पर रखा जाता है) तक नीचे चला जाता है. ब्लड बैंक का इस्तेमाल वैक्सीन को स्टोर करने के लिए भी किया जा सकता है. "
इसके अलावा, अगले चरण के तौर-तरीकों पर भी काम किया जा रहा है. इस चरण में राज्य सरकारें 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए पूर्व-टीकाकरण डेटा एकत्र करेंगी. इसके बाद 50 से 59 वर्ष की आयु के लोग होंगे और उन्हें पहले से मौजूद बीमारियां होंगी.
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