नई दिल्ली:
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे तब तक अपने अपने स्कूलों में नर्सरी के दाखिले की प्रक्रिया शुरू न करें जबतक कि इस मामले में कोई अंतिम फ़ैसला न आ जाए।
साल 2010 में सरकार की तरफ से दाखिलों को लेकर जारी नोटिफिकेशन की वैधता को लेकर फ़ैसला आना है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि स्कूल दाखिले को लेकर खुद की नीति नहीं बना सकते। सरकार के नोटिफिकेशन में कहा गया था कि स्कूल अपने हिसाब से गाइडलाइन और दाखिला का आधार तय कर सकते हैं।
कोर्ट ने पहले कहा था कि केंद्र और दिल्ली सरकार प्राइवेट स्कूलों को दाखिले में अपने नियम बनाने देने के नाम पर आरटीआई एक्ट को ख़त्म नहीं कर सकती। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर सरकार 15 दिसंबर 2010 को डॉरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन के नोटिफिकेशन को खारिज करने की कोशिश करती है तो नर्सरी में दाखिले की प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।
साल 2010 में सरकार की तरफ से दाखिलों को लेकर जारी नोटिफिकेशन की वैधता को लेकर फ़ैसला आना है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि स्कूल दाखिले को लेकर खुद की नीति नहीं बना सकते। सरकार के नोटिफिकेशन में कहा गया था कि स्कूल अपने हिसाब से गाइडलाइन और दाखिला का आधार तय कर सकते हैं।
कोर्ट ने पहले कहा था कि केंद्र और दिल्ली सरकार प्राइवेट स्कूलों को दाखिले में अपने नियम बनाने देने के नाम पर आरटीआई एक्ट को ख़त्म नहीं कर सकती। अदालत ने चेतावनी दी कि अगर सरकार 15 दिसंबर 2010 को डॉरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन के नोटिफिकेशन को खारिज करने की कोशिश करती है तो नर्सरी में दाखिले की प्रक्रिया रद्द कर दी जाएगी।