दिल्ली में बड़े निजी अस्पतालों को 40 फीसदी बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित रखने होंगे

सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि दिल्ली में संचालित सभी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम जिनकी कुल क्षमता 50 बेड्स या उससे अधिक है, वह अपने यहां कम से कम 40% बेड्स कोरोना के इलाज के लिए आरक्षित करें.

नई दिल्ली:

दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर केजरीवाल सरकार ने शहर के प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं. सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि दिल्ली में संचालित सभी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम जिनकी कुल क्षमता 50 बेड्स या उससे अधिक है, अपने यहां कम से कम 40% बेड्स कोरोना के इलाज के लिए आरक्षित करें. इसका मतलब है कि सभी को नार्मल बेड्स के भी 40% और ICU बेड्स के भी 40% कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने होंगे.

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बता दें कि दिल्ली के कोरोना अस्पतालों में कुल 531 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 41 कोविड संदिग्ध हैं. पिछले 24 घंटे में ही कुल 482 कोरोना मरीजों को दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती किया गया है. बीते 24 घंटे में विदेश से आए 8 यात्रियों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई और उन्हें अस्पतालों में भर्ती किया गया. कुल 490 मरीजों में 418 दिल्ली से हैं और 72 दिल्ली से बाहर के हैं.

दिल्ली में 5481 नए कोरोना केस मिले, पॉजिटिविटी रेट 8.37 फीसदी तक पहुंची

गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 5481 कोरोना मरीज सामने आए हैं, जबकि 3 मरीजों की मौत हुई है. राष्ट्रीय राजधानी में पॉजिटिविटी रेट 8.37% तक पहुंच गया है. यह 16 मई के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा नए मामलों का रिकॉर्ड है. जबकि 17 मई के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट हो गया है. हालांकि दिल्ली में कोरोना के बढ़ते केस के बावजूद दिल्ली सरकार ने फिलहाल लॉकडाउन लगाने की संभावना से साफ इनकार कर दिया है. 24 घंटे में 65,487 कोरोना टेस्ट हुए और टेस्ट का कुल आंकड़ा 3,29,98,171 हो गए हैं. पिछले 24 घंटे में 50,461 RTPCR टेस्ट और 15,026 एंटीजन टेस्ट हुए हैं. कंटेनमेंट जोन की संख्या 2992 हैं. कोरोना डेथ रेट 1.72 फीसदी है.

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