विज्ञापन
This Article is From Jan 04, 2022

COVID: दिल्ली के बड़े अस्पतालों ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी को लगाए जा रहे टेलीमेट्री डिवाइस

केजरीवाल सरकार ने तय किया है कि वह दिल्ली के 53 बड़े अस्पतालों में लगे कुल 100 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक, जिनकी कुल क्षमता 845.92 मीट्रिक टन है, उनमे रिमोट टेलीमेट्री डिवाइस लगाएगी.

COVID: दिल्ली के बड़े अस्पतालों ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी को लगाए जा रहे टेलीमेट्री डिवाइस
दिल्ली के 53 बड़े निजी और सभी सरकारी अस्पतालों के ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री डिवाइस लगाए जाएंगे.
नई दिल्ली:

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली के सरकारी और निजी अस्पतालों में मौजूद सभी ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री डिवाइस लगाए जा रहे हैं. दिल्ली के 53 बड़े निजी और सभी सरकारी अस्पतालों के ऑक्सीजन टैंकों में टेलीमेट्री डिवाइस लगाए जाएंगे. इससे ऑक्सीजन की रियट-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी और आपदा के वक्त जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में मदद मिलेगी. वॉर रूम से इसकी लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि समय रहते ऑक्सीजन का इंतजाम किया जा सके.

कोरोना की पिछली लहर में यह देखा गया था कि देश भर में अचानक से अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत होने लगी थी और कई अस्पतालों ने अपने यहां ऑक्सीजन खत्म होने का आपातकालीन अलार्म बजाना शुरू कर दिया था. सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा था कि किस अस्पताल को पहले ऑक्सीजन पहुंचाई जाए और कौन से अस्पताल को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है.

उस समय केंद्र सरकार द्वारा ऑक्सीजन के आवंटन की प्रक्रिया को नियंत्रित किया जा रहा था, जिस कारण सभी राज्यों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम कर पाना बहुत मुश्किल हो गया था. ऐसे समय में दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने समय रहते अहम कदम उठाए जिसमें होम आइसोलाशन की प्रक्रिया, मरीजों के घर पर ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर पहुंचना शामिल हैं.

अब दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की आपूर्ति की समीक्षा करते हुए और कोविड की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में मौजूद लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंको में टेलीमेट्री डिवाइस लगाए जा रहे हैं. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस अस्पताल में कितनी मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय रहते उस अस्पताल तक ऑक्सीजन पहुंचाया जा सके.
                                                                                                                                
क्या होता है टेलीमेट्री डिवाइस और एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) टैंकों में इसकी क्या है जरूरत?

एलएमओ यानी की लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन कुछ और नहीं, बल्कि उच्च शुद्धता वाली ऑक्सीजन है, जिसका उपयोग चिकित्सा उपचार के लिए किया जाता है. गंभीर कोविड ​​-19 के मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन महत्वपूर्ण है. कोरोना वाइरस फेफड़ों की कार्य प्रणाली को प्रभावित करता है और धीरे-धीरे फेफड़े बाहर से ऑक्सीजन लेने में असक्षम हो जाते हैं और इससे शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होती है. इससे कोविड-19 मरीजों में सांस लेने में तकलीफ के साथ-साथ शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने जैसी समस्याएं आने लगती हैं.

ऐसे में मरीज को ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत पड़ती है, जिसकी आपूर्ति एलएमओ टैंकों में रखे मेडिकल ऑक्सीजन के जरिए की जाती है. यह मेडिकल ऑक्सीजन अस्पतालों के बाहर बड़े टैंकरों में रखे जाते हैं और जरूरत पड़ने पर पाइप लाइन के जरिए या फिर ऑक्सीजन सिलेंडर के माध्यम से मरीजों तक पहुंचाए जाते हैं. टेलीमेट्री डिवाइस इन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंको में लगाए जाते हैं, ताकि रियल-टाइम में इसकी निगरानी की जा सके.

केजरीवाल सरकार ने तय किया है कि वह दिल्ली के 53 बड़े अस्पतालों में लगे कुल 100 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक,  जिनकी कुल क्षमता 845.92 मीट्रिक टन है, उनमे रिमोट टेलीमेट्री डिवाइस लगाएगी, ताकि अस्पतालों में उपलब्ध ऑक्सीजन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके.


दिल्ली में 20-25 हजार रोजाना आ सकते हैं कोरोना के मामले : स्वास्थ्य मंत्रालय https://ndtv.in/india-news/navjot-sidhu-attacks-on-amarinder-singh-calls-him-a-traitor-2688410  

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Arvind Kejriwal, Delhi Hospitals, Delhi Hospitals Oxygen
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com