
कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर आईटीबीपी के डीजी ने जवानों के नाम संदेश भेजा है. आईटीबीपी के महानिदेशक एसएस देसवाल ने संदेश में कहा है कि लॉकडाउन के इन दिनों में हमारे लिए शारीरिक अभ्यास ज्यादा महत्वपूर्ण बन गया है. हम लोग सामान्य दिनों में शारीरिक तौर पर अभ्यास के आदी हैं. यह परिस्थितियां विपरीत हैं जबकि कई गतिविधियां आयोजित नहीं हो पा रही हैं. लॉकडाउन का मतलब यह कतई नहीं है कि हम कोई अभ्यास न करें, और वक्त की आवश्यकता है कि इसके तरीकों को बदलकर हम अभ्यास करें.
उन्होंने कहा है कि यह ध्यान रखें कि सोशल डिस्टेंसिंग और बेहतर स्वच्छता को अपनाया जाए. हम अपने प्रांगणों और परिसरों में अपने घरों के अन्दर भी शारीरिक अभ्यासों को अपनाकर अपना स्वास्थ्य और बेहतर बनाए रख सकते हैं. लॉकडाउन का अर्थ यह बिलकुल नहीं है कि हम कोई अभ्यास ही न करें. बल्कि इस दौरान और ज्यादा अभ्यास करना चाहिए. कृपया सुनिश्चित करें कि परिवार का हर सदस्य शारीरिक अभ्यास करे. इससे हम फिट रहेंगे, और सक्रिय बने रहेंगे और वर्तमान वैश्विक परिस्थियों से उपजा तनाव भी दूर रहेगा.
उन्होंने कहा है कि मुझे आप सभी पर गर्व है कि आपने जीवन में स्वस्थ और शक्तिशाली बनने का रास्ता चुना है. आईटीबीपी ने अलग-अलग स्थानों में आवश्यकतानुसार लोगों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई हैं, और सुदूर सीमावर्ती इलाकों और साथ ही कई स्थानों पर स्थानीय प्रशासन को सोशल डिस्टेंसिंग अपनाते हुए सहयोग मुहैया करवाया है. नई दिल्ली में छावला में 1000 से ज्यादा देशवासियों का क्वारंटाइन करके उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से बाहर भी निकाला है. हमनें छावला कैंप की चिकित्सकों की टीम, और प्रबंधन और आपूर्ति वाले दल पर गर्व है जिन्होंने देशवासियों की स्वार्थ रहित सेवा की है. उन्होंने हमेशा विनम्रता के साथ खुशियां बांटी हैं जो हिमवीरों का विशेष गुण है. हमारे सारे अस्पताल देशवासियों को सहयोग करने और उनका इलाज़ करने हेतु हमेशा तैयार हैं.
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