कोरोना महामारी के चलते राहुल गांधी ने रैलियां रोकीं लेकिन पीएम, गृह मंत्री लगातार सभाएं कर रहे : कांग्रेस

कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि राहुल गांधी ने रैलियां छोड़ कोरोना कंट्रोल के लिए काम करना शुरू कर रहे लेकिन पीएम ऐसा नहीं कर रहे.

कोरोना महामारी के चलते राहुल गांधी ने रैलियां रोकीं लेकिन पीएम, गृह मंत्री लगातार सभाएं कर रहे : कांग्रेस

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर केंद्र के मंत्री अजीब-अजीब बयान दे रहे हैं

खास बातें

  • कहा, ऑक्सीजन को लेकर केंद्र के मंत्री अजीब बयान दे रहे
  • राज्य सरकारों पर ठीकरा फोड़ना ग़लत है
  • सरकार अपनी पीठ थपथपाती रही, हालात इसी से बिगड़े
नई दिल्ली:

Covid-19 Pandemic: देश में कोरोना संक्रमण को लेकर लगातार बिगड़े हालात को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस पार्टी (Congress) की ऑनलाइन ब्रीफिंग में अशोक चव्हाण और सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि सोमवार को 2 लाख 73 हज़ार नए केस आए हैं. हालात इतने भयावह है कि फुटपाथों पर लाश जलाई जा रही हैं. कोरोना के मामलों में भयानक तरीके से हो रही वृद्धि के चलतेराहुल गांधी ने चुनावी रैली रोक दी, लेकिन पीएम और होम मिनिस्टर लगातार रैली किए जा रहे हैं. सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कल पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने पांच अच्छे सुझाव भेजे, उसके जवाब डॉ. हर्षवर्धन ने भेजे.ये चिट्ठी राजनीति का 'सबसे वीभत्स रूप' है. 


कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि हमारी महाराष्ट्र सरकार, कोरोना महामारी से पूरी तरह लड़ रही है. कुल मौतें वहां साठ हज़ार से अधिक हो गई हैं. हम युद्धस्तर पर लड़ रहे हैं मदद के लिए एनजीओ और लोग आगे आ रहे हैं, लेकिन केन्द्र सरकार इसे गंदे स्तर पर ले जा रही है. उम्मीद थी कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की चिठ्ठी को वे अच्छे से लेंगे लेकिन पीएम मोदी ने ख़ुद जवाब ने देकर एक 'फेल मंत्री' से 'सड़कछाप जवाब' दिलवाया है. राहुल गांधी ने रैलियां छोड़ कोरोना कंट्रोल के लिए काम करना शुरू कर रहे लेकिन पीएम ऐसा नहीं कर रहे. केंद्र सरकार के मंत्री पीयूष गोयल और हर्षवर्धन अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं. एक मेडिकल इमरजेंसी की हालत है. वैक्सीन के स्टाक खत्म होने को लिखा तो केन्द्र सरकार के मंत्री ट्रोल करने लगे.

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उन्‍होंने कहा कि मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की हमारी मंशा नहीं थी. केंद्र के दो मंत्रियों ने राज्य सरकार को ट्रोल करने का काम किया है. हमने कमज़ोर तबके के लोगों को पैसे देने का फ़ैसला किया है, आदिवासियों को, वर्कर्स लेबर्र्स के लिए भी पैकेज का ऐलान किया है. दूसरी ओर, पीएम ने बिना पूरे वैक्सीन के टीकोत्सव का ऐलान कर दिया. हमें पैंतीस केंद्र बंद करने पड़े. बीजेपी वाले पुलिस पर दबाव डालते हैं, दवा की ब्लैकमार्केटिंग को प्रश्रय देते हैंब्लैक मार्केट करने वाले के पीछे ईडी, सीबीआई, एनआईए को क्यों नहीं लगाते?कांग्रेस प्रवक्‍ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर केंद्र के मंत्री अजीब-अजीब बयान दे रहे हैं. राज्य सरकारों पर ठीकरा फोड़ना ग़लत है. केन्द्र सरकार राज्यों के साथ बेहतर तालमेल कर सकती थी लेकिन केन्द्र सरकार अपनी पीठ थपथपाने में लगी रही और स्थिति इसी वजह से बिगड़ी.