दिल्ली:
प्रधानमंत्री की सफाई के बाद अब यूपीए कोयला आवंटन मामले में विपक्ष पर जवाबी हमला करने की तैयारी में जुट गया है।
दरअसल, अब यूपीए दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है− जनता के बीच बीजेपी के प्रचार की काट की जाए और राजनीतिक बिरादरी में बीजेपी को इस मुद्दे पर अलग−थलग किया जाए।
अब सवाल यह है कि संसद में चल रहे इस हंगामे के बाद आखिर रास्ता क्या है... सरकार दो बातों पर विचार कर रही है या तो संसद का सत्र अनिश्चित काल के लिए टाल दिया जाए… या फिर सरकार लोकसभा में विश्वास मत लाए।
सरकार को लगता है ये दोनों रास्ते बीजेपी को अलग−थलग और बेनक़ाब कर सकते हैं। यानी अब यूपीए पूरी तरह बीजेपी को घेरने की तैयारी में है।
इधर, एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने इशारा किया कि सीबीआई की जांच के दायरे में विपक्षी दलों की राज्य सरकारें भी आ सकती हैं। ख़ुर्शीद ने कहा कि सीबीआई जांच कर रही है, अगर राज्य सरकारों पर कोई आरोप लगता है या उंगली उठती है तो सीबीआई उसकी निष्पक्ष जांच करके सारे तथ्य कोर्ट के सामने पेश करेगी।
पैगाम साफ़ है। बीजेपी या तो संसद चलने दे या किसी भी तरह के शक्ति परीक्षण के लिए तैयार रहे।
दरअसल, अब यूपीए दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है− जनता के बीच बीजेपी के प्रचार की काट की जाए और राजनीतिक बिरादरी में बीजेपी को इस मुद्दे पर अलग−थलग किया जाए।
अब सवाल यह है कि संसद में चल रहे इस हंगामे के बाद आखिर रास्ता क्या है... सरकार दो बातों पर विचार कर रही है या तो संसद का सत्र अनिश्चित काल के लिए टाल दिया जाए… या फिर सरकार लोकसभा में विश्वास मत लाए।
सरकार को लगता है ये दोनों रास्ते बीजेपी को अलग−थलग और बेनक़ाब कर सकते हैं। यानी अब यूपीए पूरी तरह बीजेपी को घेरने की तैयारी में है।
इधर, एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने इशारा किया कि सीबीआई की जांच के दायरे में विपक्षी दलों की राज्य सरकारें भी आ सकती हैं। ख़ुर्शीद ने कहा कि सीबीआई जांच कर रही है, अगर राज्य सरकारों पर कोई आरोप लगता है या उंगली उठती है तो सीबीआई उसकी निष्पक्ष जांच करके सारे तथ्य कोर्ट के सामने पेश करेगी।
पैगाम साफ़ है। बीजेपी या तो संसद चलने दे या किसी भी तरह के शक्ति परीक्षण के लिए तैयार रहे।