
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कोयला मुद्दे पर सरकार पर जमकर निशाना साधा
नई दिल्ली:
कोयला मंत्रालय की गुम फाइलों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर सीधा प्रहार करते हुए बीजेपी ने बुधवार को कहा कि यह मामला गुम फाइलों का नहीं, बल्कि फाइलों की चोरी का है और मनमोहन सिंह को इस मामले में जांच के लिए स्वयं को प्रस्तुत करना चाहिए।
लोकसभा में कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी गुम फाइलों के विषय को उठाते हुए विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भ्रष्टाचार के जितने भी मामले उजागर किए हैं, उसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामला ऐसा है, जिसमें प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) स्वयं घेरे में है, क्योंकि तब यह मंत्रालय प्रधानमंत्री के पास था।
उन्होंने कहा, इस विषय में प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम फाइल का पता लगाएंगे। अगर कल प्रधानमंत्री रुकते तब मैं उनसे पूछती कि इस मामले में प्रयास करने की प्रथम पहल एफआईआर दर्ज करने से होती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह मामला 'गुम फाइल' का नहीं, बल्कि 'फाइलों की चोरी' का है, क्योंकि अगर चार-छह दिन तक कोई चीज नहीं मिले, तो हमें समझना चाहिए कि चीज चोरी हो गई है।
सुषमा ने कहा, हम सरकार से पूछते हैं कि वह कब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी, वरना उसकी नियत पर शक होगा। क्योंकि इससे जुड़ी सूची में ऐसे लोगों के नाम हैं, जो कांग्रेस से जुड़े हैं। विपक्ष की नेता ने कहा, इस मामले में सीबीआई पर कोई दबाव नहीं डाला जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आना चाहिए और कहना चाहिए कि वह जांच के लिए उपलब्ध हैं।
लोकसभा में कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ी गुम फाइलों के विषय को उठाते हुए विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने भ्रष्टाचार के जितने भी मामले उजागर किए हैं, उसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामला ऐसा है, जिसमें प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) स्वयं घेरे में है, क्योंकि तब यह मंत्रालय प्रधानमंत्री के पास था।
उन्होंने कहा, इस विषय में प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम फाइल का पता लगाएंगे। अगर कल प्रधानमंत्री रुकते तब मैं उनसे पूछती कि इस मामले में प्रयास करने की प्रथम पहल एफआईआर दर्ज करने से होती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह मामला 'गुम फाइल' का नहीं, बल्कि 'फाइलों की चोरी' का है, क्योंकि अगर चार-छह दिन तक कोई चीज नहीं मिले, तो हमें समझना चाहिए कि चीज चोरी हो गई है।
सुषमा ने कहा, हम सरकार से पूछते हैं कि वह कब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी, वरना उसकी नियत पर शक होगा। क्योंकि इससे जुड़ी सूची में ऐसे लोगों के नाम हैं, जो कांग्रेस से जुड़े हैं। विपक्ष की नेता ने कहा, इस मामले में सीबीआई पर कोई दबाव नहीं डाला जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को स्वयं आगे आना चाहिए और कहना चाहिए कि वह जांच के लिए उपलब्ध हैं।
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