
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
मुंबई:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने किसी बदले की कार्रवाई के तहत गिरफ्तार नहीं किया है। विधानसभा में मंगलवार को बयान देते हुए फड़णवीस ने कहा कि भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय की जांच में उनके खिलाफ मिले सबूतों के कारण गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कोई बदले की भावना से की गई कार्रवाई नहीं है। हम घोटालेबाजों को बचाने में कोई मदद करेंगे और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भ्रष्टाचार होता है तो प्रवर्तन निदेशालय को क्या चुप बैठना चाहिए। फडणवीस ने एजेंसी पर जांच के लिए दबाव डालने के अरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र निकाय है। इसलिए दबाव बनाने का कोई प्रश्न ही नहीं है।"
प्रवर्तन निदेशालय ने भुजबल से सोमवार को 11 घंटे तक पूछताछ और उसके बाद उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में हिरासत में ले लिया। इसके बाद महाराष्ट्र में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम करने की घटनाएं शुरू हो गई। भुजबल के समर्थन में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए, क्योंकि वह पिछड़े वर्ग के एक जानेमाने नेता हैं।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी ने मंगलवार को विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया और भुजबल की गिरफ्तारी की निंदा की। वहीं, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय के इस कदम का स्वागत किया है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह कोई बदले की भावना से की गई कार्रवाई नहीं है। हम घोटालेबाजों को बचाने में कोई मदद करेंगे और उन्हें सजा मिलनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि अगर राज्य में भ्रष्टाचार होता है तो प्रवर्तन निदेशालय को क्या चुप बैठना चाहिए। फडणवीस ने एजेंसी पर जांच के लिए दबाव डालने के अरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र निकाय है। इसलिए दबाव बनाने का कोई प्रश्न ही नहीं है।"
प्रवर्तन निदेशालय ने भुजबल से सोमवार को 11 घंटे तक पूछताछ और उसके बाद उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में हिरासत में ले लिया। इसके बाद महाराष्ट्र में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन और रास्ता जाम करने की घटनाएं शुरू हो गई। भुजबल के समर्थन में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए, क्योंकि वह पिछड़े वर्ग के एक जानेमाने नेता हैं।
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और एनसीपी ने मंगलवार को विधानसभा में विरोध प्रदर्शन किया और भुजबल की गिरफ्तारी की निंदा की। वहीं, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय के इस कदम का स्वागत किया है।
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