चारधाम परियोजना: गडकरी ने उत्तराखंड के सीएम से भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया तेज करने को कहा

चारधाम परियोजना में यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ते हुए इन चारों धामों तक हर मौसम में जाने के लिए मार्ग बनाने का प्रस्ताव है.

चारधाम परियोजना: गडकरी ने उत्तराखंड के सीएम से भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया तेज करने को कहा

नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चारधाम परियोजना को गति प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से भूमि अधिग्रहण तथा पर्यावरण मंजूरी संबंधी प्रक्रिया तेज करने को कहा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिहाज से भागीरथी पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र के जोनल मास्टर प्लान को मंजूरी दे दी गयी है.वह चार धाम परियोजना पर वीडियो कॉन्फ्रेंस से एक बैठक को संबोधित कर रहे थे. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी बैठक में भाग लिया.

चारधाम परियोजना में यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ को जोड़ते हुए इन चारों धामों तक हर मौसम में जाने के लिए मार्ग बनाने का प्रस्ताव है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गडकरी ने सभी लंबित मुद्दों का जल्द से जल्द निस्तारण करने तथा जल्द से जल्द भूमि अधिग्रहण पूरा करने को कहा.


उन्होंने कहा कि यह परियोजना अत्यंत राष्ट्रीय महत्व की है और इसी दृष्टिकोण से सभी पक्षों को इसे देखना चाहिए. वक्तव्य के अनुसार, ‘‘गडकरी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से राज्य सरकार के स्तर पर लंबित मुद्दों, खासतौर पर पर्यावरण, भूमि अधिग्रहण आदि से संबंधित विषयों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने का आग्रह किया.''जावड़ेकर ने बैठक में परियोजनाओं के जल्द पूरा होने के लिए अपने मंत्रालय से सभी जरूरी सहयोग देने का आश्वासन प्रदान किया.

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बयान के अनुसार, ‘‘जावड़ेकर ने सूचित किया कि भागीरथी पारिस्थितिकीय संवेदनशील क्षेत्र के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार और जल शक्ति मंत्रालय द्वारा मूल्यांकित जोनल मास्टर प्लान को 16 जुलाई, 2020 को मंजूरी दे दी गयी है.'' वक्तव्य में कहा गया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने परियोजना की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और राज्य स्तर पर लंबित सभी मुद्दों का निराकरण करने का आश्वासन दिया.